दिल्ली में क्लाउड सीडिंग का नया ट्रायल, IIT कानपुर ने मांगी अनुमति
दिल्ली में होगा Cloud Seeding का एक और ट्रायल, कृत्रिम वर्षा के लिए IIT कानपुर ने DGCA से मांगी मंजूरी
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Image: Jagran
दिल्ली में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए IIT कानपुर एक और क्लाउड सीडिंग ट्रायल की योजना बना रहा है। पिछले साल के विफल ट्रायल से मिली जानकारी के आधार पर, संस्थान ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से नई अनुमति मांगी है।
- 01IIT कानपुर ने दिल्ली में क्लाउड सीडिंग का नया ट्रायल करने की योजना बनाई है।
- 02पिछले साल के ट्रायल में बादलों में नमी की कमी के कारण सफलता नहीं मिली थी।
- 03हालांकि, ट्रायल ने पार्टिकुलेट मैटर को कम करने में मदद की थी।
- 04क्लाउड सीडिंग तकनीक में रसायनों को बादलों में छोड़ा जाता है ताकि वर्षा की प्रक्रिया तेज हो सके।
- 05दिल्ली सरकार ने भविष्य में और ट्रायल करने की योजना बनाई है।
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दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए IIT कानपुर एक बार फिर क्लाउड सीडिंग का ट्रायल करने की तैयारी कर रहा है। पिछले साल अक्टूबर में किए गए दो ट्रायल सफल नहीं रहे थे, क्योंकि बादलों में नमी का स्तर बहुत कम था। हालांकि, इन ट्रायल से प्राप्त आंकड़ों ने भविष्य की योजना बनाने में मदद की है। IIT कानपुर ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से नए ट्रायल के लिए अनुमति मांगी है। क्लाउड सीडिंग एक तकनीक है जिसमें बादलों में रसायनों को छोड़ा जाता है, जिससे वर्षा की प्रक्रिया को तेज किया जा सके। दिल्ली सरकार ने हाल ही में जारी आर्थिक सर्वेक्षण में भी इस बात की पुष्टि की है कि मौसम विभाग के परामर्श से और अधिक क्लाउड सीडिंग ट्रायल किए जाएंगे।
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यदि क्लाउड सीडिंग ट्रायल सफल होता है, तो इससे दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार हो सकता है, जिससे नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिल सकता है।
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