कानपुर RTO में फर्जी ट्रांसफर का मामला: मृतक के नाम पर कार का ट्रांसफर
कानपुर RTO में बड़ा खेल: 'मुर्दे' को जिंदा दिखा ट्रांसफर कर दी कार; पत्नी पहुंची तो खुला राज, एक हिरासत में
Amar Ujala
Image: Amar Ujala
कानपुर, उत्तर प्रदेश में एक महिला ने अपने मृत पति की कार के फर्जी ट्रांसफर का मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि खरीदार ने पूरी रकम नहीं दी और एक दलाल की मदद से आरटीओ के बाबू ने मृतक को कागजों में जिंदा दिखाकर कार का ट्रांसफर कर दिया।
- 01महिला ने पति की मृत्यु के बाद आरटीओ में कार ट्रांसफर पर रोक लगाने की कोशिश की थी।
- 02खरीदार ने पूरी रकम नहीं दी थी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए ट्रांसफर किया गया।
- 03आरटीओ के बाबू ऋषभ वर्मा और दलाल के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
- 04मामले की जानकारी काकादेव थाने में दी गई है।
- 05प्राइवेट व्यक्ति अमित मेहरोत्रा को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
Advertisement
In-Article Ad
कानपुर, उत्तर प्रदेश में एक महिला ने अपने मृत पति कपिल मेहरोत्रा की कार के फर्जी ट्रांसफर का मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि कार खरीदार ने पूरी रकम नहीं दी और एक दलाल के माध्यम से आरटीओ के बाबू ऋषभ वर्मा से सेटिंग कर फर्जी दस्तावेजों के जरिए मृतक को कागजों में जिंदा दिखाते हुए कार का ट्रांसफर कर दिया। इस मामले की जानकारी तब हुई जब महिला ने आरटीओ कार्यालय में कार ट्रांसफर पर रोक लगाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। तीन महीने तक आरटीओ कार्यालय के चक्कर काटने के बाद उन्हें पता चला कि कार दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर हो चुकी है। महिला ने काकादेव थाने में फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। आरटीओ कार्यालय में कार्यरत प्राइवेट व्यक्ति अमित मेहरोत्रा को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इस मामले की पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी।
Advertisement
In-Article Ad
इस मामले से कानपुर के आरटीओ कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं और आम लोगों को फर्जीवाड़े से बचने के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि आरटीओ कार्यालय में इस तरह के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए और कदम उठाने चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



