तरुण हत्याकांड में नाबालिगों की जमानत याचिका खारिज, सार्वजनिक शांति को खतरा
तरुण हत्याकांड: नाबालिगों की रिहाई से भंग हो सकती है सार्वजनिक शांति, JJB ने जमानत याचिका की खारिज
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द्वारका, पश्चिमी दिल्ली में तरुण हत्याकांड में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने दो नाबालिगों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। बोर्ड ने कहा कि उनकी रिहाई से सार्वजनिक शांति भंग होने का खतरा है, और यह न्याय की प्रक्रिया में बाधा डाल सकता है।
- 01जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने नाबालिगों की जमानत याचिका खारिज की।
- 02बोर्ड ने सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका जताई।
- 03तरुण बुटोलिया पर 20 लोगों ने जानलेवा हमला किया था।
- 04पुलिस ने 20 आरोपितों में से 16 को गिरफ्तार किया।
- 05अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत देने से इनकार किया।
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द्वारका के उत्तम नगर, हस्तसाल जेजे कालोनी में हुए तरुण हत्याकांड में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) ने दो नाबालिगों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। बोर्ड ने कहा कि इनकी रिहाई से सार्वजनिक शांति भंग होने का गहरा अंदेशा है। इस मामले में 4 मार्च को एक मामूली विवाद के बाद 26 वर्षीय तरुण बुटोलिया पर करीब 20 लोगों ने जानलेवा हमला किया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जेजेबी ने सामाजिक जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर नाबालिगों की रिहाई को न्याय की प्रक्रिया में बाधा और उनके लिए असुरक्षित बताया। अदालत ने यह भी कहा कि इलाके में दो समुदायों के बीच तनाव है, जिससे नाबालिगों की रिहाई से प्रतिशोध की संभावना बनी रहेगी। पुलिस ने मामले में 20 आरोपितों में से 16 को गिरफ्तार कर लिया है।
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इस निर्णय से क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
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