अनिल अग्रवाल की चेतावनी: भारत को स्टील उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के लिए चाहिए 2.30 लाख करोड़ का निवेश
'भारत में ऐसी 3-4 कंपनियां खड़ी करो', वेदांता वाले अनिल अग्रवाल की चेतावनी; दिया ₹2.30 लाख करोड़ का तगड़ा फॉर्मूला!
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वेदांता रिसोर्सेज के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने चेतावनी दी है कि भारत को 30 करोड़ टन स्टील उत्पादन के लक्ष्य को पाने के लिए 20 से 25 अरब डॉलर (करीब ₹2.30 लाख करोड़) का निवेश करना होगा। उन्होंने कहा कि देश में 3-4 बड़ी कंपनियों की स्थापना आवश्यक है ताकि लौह अयस्क की कमी को पूरा किया जा सके।
- 01अनिल अग्रवाल ने भारत के स्टील उत्पादन लक्ष्य को लेकर चिंता जताई है।
- 02भारत को हर साल 80 करोड़ टन लौह अयस्क की आवश्यकता है।
- 03आत्मनिर्भरता के लिए 20 से 25 अरब डॉलर का निवेश आवश्यक है।
- 04भारत को 3-4 बड़ी लौह अयस्क कंपनियों की स्थापना करनी होगी।
- 05सरकार को नियमों को सरल बनाकर निवेश को प्रोत्साहित करना चाहिए।
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वेदांता रिसोर्सेज के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने भारत के स्टील उत्पादन लक्ष्य को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भारत को 30 करोड़ टन स्टील उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर साल 80 करोड़ टन लौह अयस्क की आवश्यकता होगी। वर्तमान में, भारत को अपनी आवश्यकताओं का 75% लौह अयस्क विदेशों से आयात करना पड़ सकता है। अग्रवाल ने सुझाव दिया कि भारत को 20 से 25 अरब डॉलर (लगभग ₹2.30 लाख करोड़) का निवेश करना होगा और देश में 3-4 बड़ी कंपनियों की स्थापना करनी होगी जो हर साल 20 से 30 करोड़ टन लौह अयस्क का उत्पादन कर सकें। उन्होंने अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की सरकार ने तेल और गैस उत्पादन में वृद्धि के लिए 'सेल्फ-सर्टिफिकेशन' की अनुमति दी है, और भारत को भी इसी तरह के सरल नियमों की आवश्यकता है। अग्रवाल ने यह भी कहा कि खनिज संपदा के क्षेत्र में विकास से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा, जिससे लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा।
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इस निवेश से भारत में स्टील उत्पादन बढ़ेगा, जिससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
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