भारत में कच्चे तेल के विशाल भंडार: खाड़ी देशों से नहीं, देश में भी हैं करोड़ों टन
India Crude Oil Reserves: सिर्फ खाड़ी और रूस में नहीं, भारत में यहां कई करोड़ टन तेल, समंदर से रेगिस्तान तक फैला है खजाना
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
भारत, जो दुनिया का एक प्रमुख कच्चा तेल उपभोक्ता है, में करोड़ों टन कच्चे तेल के भंडार हैं। ये भंडार मुख्यतः पश्चिमी और पूर्वोत्तर भारत में फैले हैं, जिसमें असम, गुजरात और राजस्थान प्रमुख हैं। घरेलू उत्पादन बढ़ाने की रणनीति के तहत, भारत इन भंडारों का उपयोग ऊर्जा सुरक्षा के लिए कर रहा है।
- 01भारत में कुल कच्चे तेल का रिजर्व लगभग 67.1 करोड़ टन है।
- 02असम में 15.3-15.5 करोड़ टन का कच्चा तेल रिजर्व है, जो देश के ऑनशोर रिजर्व का लगभग 26% है।
- 03गुजरात में 11.5 करोड़ टन का कच्चा तेल रिजर्व है, जो कुल रिजर्व का लगभग 20% है।
- 04राजस्थान में 3.4-3.5 करोड़ टन का कच्चा तेल रिजर्व है, जो राष्ट्रीय रिजर्व का लगभग 6% है।
- 05भारत अपनी खपत का 85-90% कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए घरेलू रिजर्व ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।
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भारत कच्चे तेल का एक बड़ा उपभोक्ता है और इसके पास 67.1 करोड़ टन का कच्चा तेल रिजर्व है, जो रेगिस्तानों से लेकर समुद्र तक फैला हुआ है। असम, गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों में महत्वपूर्ण ऑनशोर रिजर्व हैं। असम में लगभग 15.3-15.5 करोड़ टन का रिजर्व है, जो देश के कुल ऑनशोर रिजर्व का 26% है। गुजरात में 11.5 करोड़ टन और राजस्थान में 3.4-3.5 करोड़ टन का रिजर्व है। भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए ये रिजर्व महत्वपूर्ण हैं क्योंकि देश अपनी खपत का 85-90% कच्चा तेल आयात करता है। इसीलिए, घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए खोज और विकास गतिविधियाँ जारी हैं।
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भारत में कच्चे तेल के भंडार का विकास ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देगा और आयात पर निर्भरता को कम करेगा।
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