हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने NIT कुरुक्षेत्र में आत्महत्याओं पर प्रशासन से मांगी रिपोर्ट
NIT कुरुक्षेत्र से जवाब तलब:लगातार आत्महत्या पर हरियाणा मानवाधिकार आयोग सख्त, प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी
Amar Ujala
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हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं पर गंभीरता से संज्ञान लिया है। आयोग ने संस्थान और जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा उपायों की स्थिति की जांच की जाएगी।
- 01हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने NIT कुरुक्षेत्र में आत्महत्याओं पर कड़ा रुख अपनाया है।
- 02आयोग ने प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है जिसमें मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं।
- 03हाल में हुई आत्महत्या के प्रयासों ने छात्रों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं।
- 04आयोग का मानना है कि संस्थान द्वारा उठाए गए कदम पर्याप्त नहीं हैं।
- 05सभी संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट 19 मई 2026 से पहले प्रस्तुत करनी होगी।
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हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में छात्रों की आत्महत्या और आत्महत्या के प्रयासों की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा की अध्यक्षता में गठित पूर्ण पीठ ने संस्थान प्रशासन, जिला प्रशासन और पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। हाल ही में, 18 अप्रैल को एक प्रथम वर्ष के छात्र ने आत्महत्या का प्रयास किया, जबकि 16 अप्रैल को एक द्वितीय वर्ष के छात्र का शव उसके हॉस्टल कमरे में मिला था। इससे पहले, फरवरी और मार्च में भी दो छात्रों की मौत हो चुकी है। आयोग ने कहा है कि संस्थान द्वारा उठाए गए कदम, जैसे कि दो प्रोफेसरों का स्थानांतरण, पर्याप्त नहीं हैं और यह स्थिति मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा उपायों में गंभीर कमियों को दर्शाती है। आयोग ने एनआईटी निदेशक से आत्महत्या घटनाओं की परिस्थितियों, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा उपायों पर रिपोर्ट मांगी है। सभी संबंधित अधिकारियों को 19 मई 2026 की सुनवाई से एक सप्ताह पहले अपनी रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।
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यह स्थिति छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है, जिससे उनके शैक्षणिक प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है।
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