बालोद में आदिवासी समाज का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, प्रशासन के खिलाफ जताया गुस्सा
कलेक्ट्रेट में आदिवासी समाज ने जलाया चूल्हा, बाबा बालक दास मामले को लेकर प्रशासन पर उतारा गुस्सा

Image: Zee News
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में आदिवासी समाज ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया, अवैध अतिक्रमण के खिलाफ विरोध जताते हुए। प्रदर्शनकारियों ने चूल्हा जलाकर खाना बनाना शुरू किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
- 01बालोद जिले के डौंडी लोहारा विकासखंड में आदिवासी समाज ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया।
- 02प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ चूल्हा जलाकर खाना बनाना शुरू किया।
- 03पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
- 04आदिवासी समाज का आरोप है कि बाबा बालक दास के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है।
- 05समाज ने जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया।
Advertisement
In-Article Ad
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में सर्व आदिवासी समाज ने सोमवार को कलेक्ट्रेट का घेराव किया, जो पहले कभी नहीं देखा गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग को पार करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश किया और धरने पर बैठ गए। जब कलेक्टर नहीं आए, तो उन्होंने चूल्हा जलाकर खाना बनाना शुरू किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। आदिवासी समाज के नेता तुकाराम कोर्राम ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने 2019 से इस मामले की अनदेखी की है, जिसमें बाबा बालक दास द्वारा अवैध कब्जे का मामला शामिल है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य ग्राम सभा की अनुमति के बिना किया जा रहा है, जो कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन है। समाज ने जल, जंगल और जमीन के अधिकारों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया है।
Advertisement
In-Article Ad
प्रदर्शन ने स्थानीय प्रशासन और आदिवासी समुदाय के बीच तनाव को उजागर किया है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि प्रशासन को आदिवासी समाज की शिकायतों का समाधान करना चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




-1780335426552.webp&w=1200&q=75)
