चेरापूंजी में लगातार बारिश का रिकॉर्ड, जानें दुनिया की सबसे गीली जगह के बारे में
लगातार 331 दिन पड़ती रही बारिश, डूब गया पूरा इलाका; धरती पर एक बार में सबसे ज्यादा पानी कहां बरसा था?
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भारत के मेघालय राज्य के चेरापूंजी में 1860-61 के बीच एक साल में 26,461 मिलीमीटर बारिश का रिकॉर्ड बना था। यह स्थान दुनिया की सबसे गीली जगह है, जहां सामान्यत: सालाना 11,000 मिलीमीटर बारिश होती है। वर्तमान में, भारत में मानसून के आगमन में देरी हो रही है, जिससे गर्मी बढ़ गई है।
- 01चेरापूंजी में 1860 से 1861 के बीच 26,461 मिलीमीटर बारिश हुई थी।
- 02एक दिन में चेरापूंजी में 61 इंच बारिश का रिकॉर्ड भी है।
- 03मेघालय में सालाना औसतन 11,000 मिलीमीटर बारिश होती है।
- 04कोलंबिया के दो शहरों में भी साल भर बारिश होती है, जिसमें लाइओरो और लोपेज डे मिसी शामिल हैं।
- 05इस साल भारत में मानसून 3 से 4 दिन देर से आने की संभावना है।
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भारत के मेघालय राज्य का चेरापूंजी दुनिया की सबसे गीली जगह है, जहां 1860 से 1861 के बीच एक साल में 26,461 मिलीमीटर बारिश हुई थी। यह स्थान अपने रिकॉर्ड बारिश के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें एक दिन में 61 इंच बारिश का भी रिकॉर्ड शामिल है। चेरापूंजी में सामान्यत: सालाना 11,000 मिलीमीटर बारिश होती है, जो इसे पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाती है। वर्तमान में, भारत के उत्तर भाग में भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है, और इस बार मानसून के आगमन में देरी हो रही है, जो किसानों के लिए चिंता का विषय है। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि मानसून 3 से 4 दिन देर से आएगा। इस बीच, कोलंबिया के लाइओरो और लोपेज डे मिसी जैसे शहर भी लगातार बारिश के लिए जाने जाते हैं, जहां 1952 और 1954 के बीच 13,473 मिलीमीटर बारिश हुई थी।
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भारत में मानसून की देरी से किसानों की चिंता बढ़ गई है, खासकर गर्मी के कारण फसलों पर असर पड़ सकता है।
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