भारत में महिलाओं में मोटापे की दर पुरुषों से अधिक, स्वास्थ्य सर्वेक्षण में खुलासा
भारत में मोटापे के मामले में पुरुषों से आगे निकलीं महिलाएं

Image: Rudrakshnews
हाल ही में जारी 'राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (NFHS-6)' के अनुसार, भारत में महिलाओं में मोटापे की दर 30.7% तक पहुंच गई है, जो पुरुषों की 27.3% से अधिक है। इसके साथ ही, हाई ब्लड शुगर के मामलों में भी वृद्धि हुई है। बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के संकेत मिले हैं।
- 01महिलाओं में मोटापे की दर 2019-21 में 24% से बढ़कर 2023-24 में 30.7% हो गई है।
- 02पुडुचेरी में महिलाओं में मोटापे की दर सबसे अधिक 46.3% है।
- 03हाई ब्लड शुगर की दर महिलाओं में 17.8% और पुरुषों में 20.9% पहुंच गई है।
- 04बच्चों में पूर्ण टीकाकरण की दर 87.1% हो गई है, जो 83.8% से अधिक है।
- 05पारंपरिक परिवार नियोजन विधियों का उपयोग 16.4% तक बढ़ गया है।
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भारत में 'राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (NFHS-6)' की रिपोर्ट ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में चिंताजनक आंकड़े पेश किए हैं। महिलाओं में मोटापे की दर 30.7% तक पहुंच गई है, जो पुरुषों की 27.3% से अधिक है। यह वृद्धि 2019-21 में 24% से हुई है। राज्यवार आंकड़ों के अनुसार, पुडुचेरी में महिलाओं में मोटापे की दर सबसे अधिक 46.3% है। इसके अलावा, हाई ब्लड शुगर के मामलों में भी वृद्धि दर्ज की गई है, जहां महिलाओं में यह 17.8% और पुरुषों में 20.9% है। हालांकि, बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के संकेत मिले हैं, जैसे कि पूर्ण टीकाकरण की दर 87.1% तक पहुंच गई है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि विवाहित महिलाओं में पारंपरिक परिवार नियोजन विधियों का उपयोग बढ़ा है, जो 16.4% तक पहुंच गया है।
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महिलाओं में मोटापे और हाई ब्लड शुगर की बढ़ती दरें स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव डाल सकती हैं।
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