झारखंड हाई कोर्ट ने पुलिस हिरासत में बर्बरता पर मांगी रिपोर्ट
सरायकेला पुलिस हिरासत में बर्बरता: हाई कोर्ट ने सभी थानों में CCTV की स्थिति पर एसपी से मांगी रिपोर्ट
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झारखंड हाई कोर्ट ने झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता तरुण महतो की पुलिस हिरासत में बर्बरता के मामले में सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने सरायकेला-खरसावां के एसपी से जिले के सभी थानों में CCTV की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है।
- 01झारखंड हाई कोर्ट ने पुलिस हिरासत में बर्बरता के मामले में सख्त रुख अपनाया।
- 02सरायकेला-खरसावां के एसपी से सभी थानों में CCTV की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी गई।
- 03तरुण महतो को 19 नवंबर 2025 को हिरासत में लिया गया था।
- 04सरकार ने पीड़ित को 1.5 लाख रुपये का मुआवजा दिया है।
- 05अदालत ने स्वास्थ्य सचिव से भी जवाब तलब किया है।
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झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता तरुण महतो की पुलिस हिरासत में बर्बरता के मामले में गंभीरता दिखाई है। अदालत ने 19 नवंबर 2025 को ईचागढ़ पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए महतो के साथ हुई बर्बरता की जांच के लिए सरायकेला-खरसावां के एसपी से जिले के सभी थानों में CCTV कैमरों की स्थिति पर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। अदालत ने स्वास्थ्य सचिव से भी सवाल किया है कि किस प्रकार का प्रमाण पत्र दिया गया था, जिससे महतो को 'फिट फॉर कस्टडी' बताया गया। इस मामले में राज्य सरकार ने पीड़ित को 1.5 लाख रुपये का मुआवजा देने की जानकारी दी है। अदालत ने दोनों अधिकारियों को 18 जून तक शपथ पत्र के माध्यम से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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इस निर्णय से पुलिस हिरासत में बर्बरता के मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा होगी।
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