अपरा एकादशी 2026: जानें पूजा विधि और गलतियों से बचने के उपाय
Apara Ekdashi 2026: आने वाली है अपरा एकादशी, न करें ये गलतियां, पानी की तरह बहकर बर्बाद होगा पैसा
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अपरा एकादशी का व्रत 13 मई 2026 को मनाया जाएगा, जो भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का दिन है। इस दिन कुछ विशेष गलतियों से बचना आवश्यक है, जैसे तुलसी के पौधे को छूना या सूखी तुलसी को घर में रखना।
- 01अपरा एकादशी का व्रत 13 मई 2026 को है।
- 02तुलसी की पूजा से धन-समृद्धि और सौभाग्य में वृद्धि होती है।
- 03एकादशी के दिन तुलसी के पौधे को छूना वर्जित है।
- 04सूखी तुलसी को नदी में प्रवाहित करना चाहिए।
- 05तामसिक चीजों का सेवन न करें।
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अपरा एकादशी, जो कि ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी है, इस साल 13 मई 2026 को मनाई जाएगी। एकादशी तिथि की शुरुआत 12 मई 2026 की रात 09:56 बजे से होगी और इसका समापन 13 मई 2026 को 01:29 बजे होगा। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से व्यक्ति को धन-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। हालांकि, एकादशी के दिन कुछ गलतियों से बचना आवश्यक है, जैसे कि तुलसी के पौधे को छूना या उसकी पत्तियाँ तोड़ना। इसके अलावा, घर में सूखी तुलसी रखना अशुभ माना जाता है, इसलिए इसे नदी में प्रवाहित करना चाहिए। एकादशी के दिन तामसिक चीजों का सेवन भी नहीं करना चाहिए। यह दिन विशेष रूप से तुलसी की पूजा के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे घर में समृद्धि और सकारात्मकता बढ़ती है।
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एकादशी व्रत का पालन करने से व्यक्तियों को धार्मिक और आध्यात्मिक लाभ मिल सकता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है।
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