क्यूबेक में धार्मिक प्रतीकों पर सख्ती: 150 कर्मचारी बर्खास्त
धार्मिक प्रतीकों पर सख्ती: कनाडा के क्यूबेक में 150 कर्मचारी बर्खास्त, सिख-मुस्लिम और यहूदी समुदाय प्रभावित
Amar Ujala
Image: Amar Ujala
कनाडा के क्यूबेक प्रांत में धार्मिक प्रतीकों के उपयोग के कारण लगभग 150 सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है। इनमें से अधिकांश कर्मचारी सिख समुदाय से हैं। यह कार्रवाई 2019 में लागू बिल 21 के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में धार्मिक प्रतीकों पर प्रतिबंध लगाना है।
- 01क्यूबेक में 150 कर्मचारियों को धार्मिक प्रतीकों के कारण बर्खास्त किया गया।
- 02बर्खास्त कर्मचारियों में अधिकांश पंजाबी सिख समुदाय से हैं।
- 03यह कार्रवाई 2019 में लागू बिल 21 के तहत की गई है।
- 04सरकार इस कानून को और सख्त बनाने की योजना बना रही है।
- 05विरोधी इसे धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन मानते हैं।
Advertisement
In-Article Ad
कनाडा के क्यूबेक प्रांत में धार्मिक प्रतीकों के उपयोग पर सख्ती बढ़ गई है, जिसके चलते मॉन्ट्रियल शहर में लगभग 150 सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है। यह कार्रवाई उन कर्मचारियों के खिलाफ की गई है जिन्होंने ड्यूटी के दौरान धार्मिक प्रतीक जैसे पगड़ी, हिजाब, किप्पा या क्रॉस पहनने से इनकार किया। बर्खास्त कर्मचारियों में मुख्य रूप से पंजाबी सिख समुदाय के लोग शामिल हैं। यह कदम 2019 में लागू बिल 21 के तहत उठाया गया है, जो सरकारी कार्यालयों में धार्मिक प्रतीकों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाता है। सरकार अब इस कानून को और सख्त बनाने की योजना बना रही है, जिसमें डे-केयर कर्मचारियों पर भी इसे लागू करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, सार्वजनिक पार्कों में सामूहिक प्रार्थना पर रोक और विश्वविद्यालयों में प्रार्थना कक्ष खत्म करने पर भी विचार किया जा रहा है। इस कानून के कारण सिख, मुस्लिम और यहूदी समुदाय सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं, और विरोधी इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला मानते हैं।
Advertisement
In-Article Ad
इस कानून के कारण धार्मिक समुदायों के सदस्यों को नौकरी से हाथ धोना पड़ रहा है, जिससे उनके जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि धार्मिक प्रतीकों पर प्रतिबंध उचित है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




