रूसी तेल प्रतिबंध: अमेरिका ने दी नई ढील की समाप्ति, भारत पर संभावित प्रभाव
Russian Oil Ban: रूसी तेल पर लगे बैन में अमेरिका अब नहीं देगा कोई छूट, ईयू ने किया स्पष्ट, भारत के लिए मतलब
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
यूरोपीय संघ के व्यापार आयुक्त मारोस सेफकोविक ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका अब रूस पर लगे तेल प्रतिबंधों में कोई नई छूट नहीं देगा। भारत, जो अपनी जरूरत का 30-35% कच्चा तेल रूस से आयात करता है, को इससे गंभीर ऊर्जा सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
- 01अमेरिका ने रूस पर लगे तेल प्रतिबंधों में कोई नई ढील नहीं देने का निर्णय लिया है।
- 02भारत वर्तमान में अपनी जरूरत का 30-35% कच्चा तेल रूस से आयात करता है।
- 03खाड़ी देशों से तेल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भारत को विकल्पों की कमी हो सकती है।
- 04उर्वरक आपूर्ति में बाधा से भारत की खाद्य सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
- 05भारत को अब अन्य महंगे विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है।
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यूरोपीय संघ के व्यापार आयुक्त मारोस सेफकोविक ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका भविष्य में रूस पर लगे तेल प्रतिबंधों में कोई नई छूट नहीं देगा। यह निर्णय अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया। अमेरिका ने हाल ही में रूस से तेल आयात में दी गई राहत को केवल कुछ गरीब देशों की कठिन स्थिति को देखते हुए दिया था। भारत, जो अपनी जरूरत का 30-35% कच्चा तेल रूस से आयात करता है, इस निर्णय से प्रभावित हो सकता है। यदि रूसी तेल पर सख्ती बढ़ती है, तो भारत के पास विकल्पों की भारी कमी हो जाएगी। इसके अलावा, उर्वरक आपूर्ति में बाधा से भारत की खाद्य सुरक्षा पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। भारत को अब अफ्रीका, वेनेजुएला या अमेरिका से महंगे विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है।
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यदि रूसी तेल पर प्रतिबंध सख्त होते हैं, तो भारत को कच्चे तेल की कमी का सामना करना पड़ सकता है, जिससे घरेलू ऊर्जा कीमतें बढ़ सकती हैं।
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