भारत सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्सपोर्ट टैक्स में की कटौती, तेल कंपनियों को मिलेगी राहत
ऊर्जा संकट के बीच पेट्रोल-डीजल पर सरकार का बड़ा फैसला, 1 जून से TAX में कटौती, तेल कंपनियां या आम आदमी, किसे होगा फायदा?
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भारत सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एटीएफ पर एक्सपोर्ट टैक्स में कटौती की है, जिससे तेल कंपनियों को राहत मिलेगी। पेट्रोल पर टैक्स 3 रुपये से घटाकर 1.5 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 16.5 रुपये से घटाकर 13.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। हालांकि, यह राहत आम जनता के लिए नहीं है।
- 01पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर टैक्स 3 रुपये से घटकर 1.5 रुपये प्रति लीटर हुआ।
- 02डीजल पर टैक्स 16.5 रुपये से घटकर 13.5 रुपये प्रति लीटर किया गया।
- 03सरकार ने कहा कि घरेलू बाजार में तेल की कमी नहीं होगी।
- 04कम टैक्स के कारण तेल कंपनियों के लिए निर्यात करना आसान होगा।
- 05इस फैसले से आम आदमी को कोई सीधा लाभ नहीं मिलेगा।
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भारत सरकार ने ऊर्जा संकट के बीच पेट्रोल, डीजल और एटीएफ पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में कटौती का निर्णय लिया है। यह कटौती 1 जून से लागू होगी, जिसमें पेट्रोल पर टैक्स 3 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 1.5 रुपये और डीजल पर 16.5 रुपये से घटाकर 13.5 रुपये प्रति लीटर किया गया है। यह कदम तेल कंपनियों को राहत देने के लिए उठाया गया है, जिससे उनके लिए पेट्रोल-डीजल का निर्यात करना आसान हो जाएगा। सरकार ने आश्वासन दिया है कि घरेलू बाजार में तेल की कमी नहीं होगी, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि कम टैक्स के कारण कंपनियां अधिक मात्रा में तेल का निर्यात कर सकती हैं, जिससे घरेलू बाजार में आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इस निर्णय का सीधा लाभ आम जनता को नहीं होगा, क्योंकि यदि सरकार एक्साइज ड्यूटी में कटौती करती, तो पेट्रोल-डीजल के दाम में राहत मिल सकती थी।
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सरकार के इस फैसले से घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
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