क्या छोटे बच्चों को काजल लगाना सुरक्षित है? जानें डॉक्टरों की राय
छोटे बच्चों को काजल लगाना सही या गलत? जानें क्या कहते हैं डॉक्टर
Aaj Tak
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भारत में नवजात शिशुओं को काजल लगाने की परंपरा है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यह बच्चों के लिए हानिकारक हो सकता है। काजल में मौजूद लेड, संक्रमण का खतरा, आंखों की नली का ब्लॉक होना, और आंखों में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- 01बाजार में मिलने वाले अधिकांश काजल में भारी मात्रा में लेड पाया जाता है, जो बच्चों के विकास को प्रभावित कर सकता है।
- 02काजल लगाने के दौरान हाथों की गंदगी से आंखों में बैक्टीरिया जा सकते हैं, जिससे कंजंक्टिवाइटिस का खतरा बढ़ता है।
- 03काजल के बारीक कण नवजात शिशुओं की आंखों की नलियों को ब्लॉक कर सकते हैं।
- 04काजल में मौजूद केमिकल्स बच्चों की आंखों में खुजली और जलन पैदा कर सकते हैं।
- 05काजल लगाने के दौरान बच्चे की आंखों पर स्क्रैच लगने का खतरा भी होता है।
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भारत में नवजात शिशुओं को काजल लगाने की परंपरा सदियों पुरानी है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यह बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं है। काजल में भारी मात्रा में लेड पाया जाता है, जो बच्चों के विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इसके अलावा, काजल लगाने के दौरान हाथों की गंदगी से बैक्टीरिया आंखों में जा सकते हैं, जिससे कंजंक्टिवाइटिस और अन्य संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। नवजात बच्चों की आंखों में आंसू बहने वाली नलियां होती हैं, जो काजल के कणों से ब्लॉक हो सकती हैं। काजल में मौजूद केमिकल्स से बच्चों की आंखों में जलन और खुजली हो सकती है, जिससे वे चिड़चिड़े हो सकते हैं। इसके अलावा, काजल लगाने के दौरान बच्चे की आंखों पर स्क्रैच लगने का भी खतरा होता है। इस प्रकार, डॉक्टरों की सलाह है कि छोटे बच्चों को काजल नहीं लगाना चाहिए।
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बच्चों की सेहत पर काजल लगाने के नकारात्मक प्रभावों के कारण माता-पिता को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
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