गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ-प्रयागराज यात्रा में समय की बचत, लेकिन बढ़ेगा खर्च
14 घंटे का सफर अब 6 घंटे में! Ganga Expressway से मेरठ-प्रयागराज की दूरी तो सिमटी मगर टोल टैक्स-तेल बिगाड़ देगा बजट
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गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ से प्रयागराज की यात्रा का समय 12-14 घंटे से घटकर 6-7 घंटे हो जाएगा। हालांकि, टोल टैक्स और यात्रा खर्च में वृद्धि गरीब यात्रियों के लिए चिंता का विषय है। स्थानीय अधिवक्ताओं का कहना है कि सरकार को पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच स्थापित करनी चाहिए।
- 01गंगा एक्सप्रेसवे से यात्रा का समय 12-14 घंटे से घटकर 6-7 घंटे होगा।
- 02यात्रा का खर्च बढ़ने से गरीब यात्रियों पर बोझ पड़ेगा।
- 03अधिवक्ताओं का कहना है कि सरकार को हाई कोर्ट बेंच स्थापित करनी चाहिए।
- 04एक्सप्रेसवे से शहरों के व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
- 05सिर्फ समय की बचत होगी, आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को राहत नहीं मिलेगी।
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गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से मेरठ से प्रयागराज की यात्रा का समय 12 से 14 घंटे से घटकर 6 से 7 घंटे होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, स्थानीय अधिवक्ताओं का मानना है कि इस एक्सप्रेसवे के कारण गरीब यात्रियों को टोल टैक्स और यात्रा खर्च के बढ़ने से समस्या का सामना करना पड़ेगा। मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रोहिताश्व कुमार अग्रवाल ने कहा कि यह एक्सप्रेसवे वादकारियों और अधिवक्ताओं के लिए यात्रा को आसान बनाएगा, लेकिन सरकार को पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच स्थापित करनी चाहिए ताकि लोगों को सस्ता और सुलभ न्याय मिल सके। गजेंद्र सिंह धामा, एक अन्य वरिष्ठ अधिवक्ता, ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे से उद्योग, पर्यटन और कृषि को लाभ होगा, लेकिन वादकारियों को कोई खास फायदा नहीं होगा। यात्रा का खर्च बढ़ने से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को न्याय पाने में और कठिनाई होगी।
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गंगा एक्सप्रेसवे से यात्रा का समय तो कम होगा, लेकिन टोल और यात्रा खर्च में वृद्धि से गरीब यात्रियों को आर्थिक कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।
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