शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की गोविष्टि यात्रा: सत्ता पर आरोप और गोरक्षा का संकल्प
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का आरोप- सत्ता डरा रही, गोरखपुर से शुरू की गोविष्टि यात्रा
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जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गोरखपुर, उत्तर प्रदेश से 'गोविष्टि यात्रा' शुरू की है, जो 81 दिनों तक चलेगी। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह गोरक्षा के मुद्दे पर डराने की कोशिश कर रही है और हिंदुओं के खिलाफ 37 से अधिक कानूनों का जिक्र किया।
- 01शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गोरखपुर से गोविष्टि यात्रा शुरू की।
- 02यात्रा का उद्देश्य गोरक्षा और गोहत्या की रोकथाम है।
- 03उन्होंने सरकार पर डराने और हिंदुओं के खिलाफ कानूनों का आरोप लगाया।
- 04अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि सरकार जनता की प्रतिनिधि नहीं है।
- 05यात्रा 81 दिनों तक चलेगी और हर दिन 5 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगी।
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जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गोरखपुर के सहारा स्टेट स्थित भारत माता मंदिर से 'गोविष्टि यात्रा' की शुरुआत की है, जो 81 दिनों तक चलेगी। यह यात्रा हर दिन 5 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी और इसका उद्देश्य गोरक्षा और गोहत्या की रोकथाम है। यात्रा के दौरान, उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगाया कि सरकार गोरक्षा के मुद्दे पर डराने की कोशिश कर रही है। शंकराचार्य ने कहा कि भारत में 37 से अधिक कानून हिंदुओं के खिलाफ हैं और यह दर्शाता है कि सरकार हिंदू राष्ट्र की अवधारणा को नहीं मानती। उन्होंने यह भी कहा कि जनता को भ्रमित किया जा रहा है कि सरकार उनकी प्रतिनिधि नहीं है, जबकि वास्तव में, जनता ही सरकार है।
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यह यात्रा गोरक्षा के मुद्दे पर जागरूकता बढ़ाने और स्थानीय समुदायों को संगठित करने का प्रयास है।
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