जालौन में उम्रकैद की सजा पाए कैदी ने आत्महत्या की
Jalaun: हाईकोर्ट से उम्रकैद की सजा बरकरार रहने के बाद सदमे में कैदी, मौत को गले लगाया
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
जालौन, उत्तर प्रदेश में 70 वर्षीय अमर सिंह ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा उम्रकैद की सजा बरकरार रखने के बाद आत्महत्या कर ली। अमर सिंह पर 1984 में दो लोगों की हत्या का आरोप था, और हाल ही में हाईकोर्ट ने उसकी अपील खारिज कर दी थी।
- 01अमर सिंह, 70, ने उम्रकैद की सजा के बाद आत्महत्या की।
- 02उसे 1984 में दोहरे हत्याकांड का दोषी ठहराया गया था।
- 03हाईकोर्ट ने उसकी सजा को बरकरार रखा।
- 04परिवार ने उसके मानसिक तनाव की बात की।
- 05पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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जालौन जिले, उत्तर प्रदेश में एक 70 वर्षीय कैदी, अमर सिंह, ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा उसकी उम्रकैद की सजा बरकरार रखने के बाद आत्महत्या कर ली। अमर सिंह पर 1984 में पुरानी रंजिश के चलते गांव के दो लोगों, सरवन और वीरेंद्र सिंह, की गोली मारकर हत्या करने का आरोप था। उरई की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने उसे और तीन अन्य को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अमर सिंह ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन हाल ही में उसकी अपील खारिज कर दी गई। उसके भतीजे के अनुसार, हाईकोर्ट के फैसले के बाद अमर सिंह गहरे मानसिक तनाव में था। गुरुवार सुबह उसे अपने कमरे में फंदे से लटका पाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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यह घटना स्थानीय समुदाय में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करती है, खासकर जब किसी व्यक्ति को गंभीर कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ता है।
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