लश्कर-ए-तैयबा की बलूचिस्तान में बढ़ती सक्रियता, 26/11 जैसे हमले की आशंका
26/11 जैसे मुंबई अटैक की साजिश रच रहा लश्कर, बलूचिस्तान में स्पेशल ट्रेनिंग, पहलगाम हमले की बरसी पर बड़ा खुलासा
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लश्कर-ए-तैयबा बलूचिस्तान में अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहा है और समुद्री हमलों की योजना बना रहा है, जिससे भारत के खिलाफ खतरा बढ़ सकता है। इस संगठन ने विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए हैं, जो 26/11 जैसे हमलों की संभावनाओं को दर्शाते हैं।
- 01लश्कर-ए-तैयबा बलूचिस्तान में अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहा है।
- 02संगठन अब अपने आतंकवादियों को तैराकी और स्कूबा डाइविंग की ट्रेनिंग दे रहा है।
- 03लश्कर के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी की गतिविधियाँ संदिग्ध हैं।
- 04पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई लश्कर को समर्थन दे रही है।
- 05आतंकी खतरा नए रूप में और अधिक खतरनाक हो रहा है।
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पाहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी से पहले लश्कर-ए-तैयबा की बढ़ती सक्रियता ने सुरक्षा एजेंसियों को चिंतित कर दिया है। खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लश्कर बलूचिस्तान में अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहा है और अब अपने आतंकवादियों को तैराकी और स्कूबा डाइविंग की विशेष ट्रेनिंग दे रहा है। यह गतिविधियाँ 26/11 मुंबई हमलों जैसे समुद्री हमलों की संभावनाओं को दर्शाती हैं। लश्कर के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी की हालिया यात्रा और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का समर्थन इस खतरे को और बढ़ाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लश्कर का यह विस्तार भारत को निशाना बनाने की नई रणनीति का हिस्सा हो सकता है। यह स्थिति दर्शाती है कि क्षेत्र में आतंकवादी खतरा केवल बना हुआ नहीं है, बल्कि नए रूप में और अधिक खतरनाक हो रहा है।
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इस स्थिति से भारत में सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ सकती हैं, विशेषकर समुद्री हमलों के खतरे को देखते हुए।
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