सॉफ्टवेयर इंजीनियर का 3 हजार रुपये का प्रोजेक्ट बना मुसीबत, क्लाइंट की निजी बातें बनी परेशानी
3 हजार रुपये का प्रोजेक्ट बना मुसीबत का सबब, क्लाइंट ने देर रात कॉल कर निजी बातें शुरू कर दीं
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एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने 3 हजार रुपये में एक वेबसाइट बनाने का काम लिया, लेकिन क्लाइंट के लगातार दो घंटे की मीटिंग्स और निजी चर्चाओं ने उसे परेशान कर दिया। अंततः उसने क्लाइंट को ब्लॉक कर दिया और इस अनुभव से सीखा कि कम पैसे में काम लेना महंगा पड़ सकता है।
- 01इंजीनियर ने 3 हजार रुपये में एक वेबसाइट बनाने का प्रोजेक्ट स्वीकार किया।
- 02क्लाइंट की मीटिंग्स में प्रोजेक्ट से हटकर ज्योतिष और निजी बातें शामिल थीं।
- 03इंजीनियर को क्लाइंट को कोडिंग टूल 'कर्सर' का प्रशिक्षण भी देना पड़ा।
- 04एक रात क्लाइंट ने निजी बातें करते हुए कहा कि वह उसकी आंखों से शराब पीने का पता लगा सकता है।
- 05इंजीनियर ने अंततः क्लाइंट को ब्लॉक कर दिया और अनुभव को एक सबक के रूप में लिया।
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एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने 3 हजार रुपये में एक साधारण वेबसाइट बनाने का प्रोजेक्ट स्वीकार किया, लेकिन उसे इस काम से अधिक परेशानी क्लाइंट के साथ होने वाली मीटिंग्स से हुई। इंजीनियर का कहना है कि क्लाइंट रोज दो घंटे की मीटिंग करता था, जिसमें प्रोजेक्ट के बजाय ज्योतिष और अन्य निजी विषयों पर चर्चा होती थी। एक बार तो क्लाइंट ने उसे देर रात कॉल करके निजी बातें कीं, जिससे इंजीनियर बेहद असहज महसूस करने लगा। अंत में, उसने क्लाइंट को ब्लॉक कर दिया और इस अनुभव को एक सबक मानते हुए कहा कि कम फीस में काम लेना कभी-कभी महंगा पड़ सकता है। इस घटना ने उसे सिखाया कि असली चुनौती कोडिंग नहीं, बल्कि ऐसे क्लाइंट्स को संभालना होता है।
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यह कहानी फ्रीलांसरों को सिखाती है कि कम पैसे में काम लेने से क्या समस्याएं हो सकती हैं।
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