इल्मा अफरोज: संघर्ष से IPS बनने तक की प्रेरणादायक कहानी
Success Story: पिता नहीं रहे तो लोग बोले- लड़की को घर में रखो, वो मोमबत्ती की लौ में पढ़ी, IPS बन लिखी तकदीर
Image: Nbt Navbharattimes
इल्मा अफरोज, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद की रहने वाली, ने अपने पिता को खोने के बाद भी शिक्षा जारी रखी। मोमबत्ती की रोशनी में पढ़ाई करते हुए, उन्होंने UPSC परीक्षा पास की और IPS अधिकारी बनीं। उनकी कहानी मेहनत और आत्मविश्वास का प्रतीक है।
- 01इल्मा ने 14 साल की उम्र में अपने पिता को कैंसर के कारण खो दिया, जिससे परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ गईं।
- 02उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफन कॉलेज में दाखिला लिया और स्कॉलरशिप प्राप्त की, जिससे उन्हें ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में पढ़ाई का मौका मिला।
- 03इल्मा ने 2017 में UPSC परीक्षा पास की और ऑल इंडिया 217वीं रैंक हासिल की।
- 04उनकी मां ने हमेशा उनका समर्थन किया, जबकि समाज ने कहा कि 'लड़की है, घर में रखो'।
- 05इल्मा का IPS बनने का सफर लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
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इल्मा अफरोज की कहानी एक अद्वितीय संघर्ष और सफलता की मिसाल है। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद की रहने वाली इल्मा ने अपने पिता को 14 साल की उम्र में खो दिया, जिसके बाद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई। इस कठिनाई के बावजूद, उन्होंने मोमबत्ती की रोशनी में पढ़ाई जारी रखी। इल्मा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफन कॉलेज में दाखिला लिया और स्कॉलरशिप के माध्यम से ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में पढ़ाई की। समाज के दबावों के बावजूद, उनकी मां ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इल्मा ने 2017 में UPSC परीक्षा पास की और ऑल इंडिया 217वीं रैंक हासिल कर IPS अधिकारी बनीं। उनका यह सफर न केवल उनके लिए, बल्कि लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। आज, इल्मा अफरोज उन बेटियों में से एक हैं, जिन्होंने संघर्ष से सफलता की नई कहानी लिखी है।
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Ilma's success story serves as an inspiration for young girls in India, encouraging them to pursue their dreams despite challenges.
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