ईरान ने पाकिस्तान में अमेरिका के साथ बातचीत को बताया अपनी सबसे बड़ी गलती
पाकिस्तान में अमेरिका के साथ बात करके क्यों पछता रहा ईरान?
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ईरान के नेशनल सिक्योरिटी और विदेश नीति समिति के सदस्य महमूद नबावियन ने पाकिस्तान में अमेरिका के साथ परमाणु मुद्दे पर बातचीत को एक रणनीतिक गलती बताया है। उनका मानना है कि इस बातचीत ने दुश्मनों को और अधिक हिम्मत दी है।
- 01ईरान ने पाकिस्तान में अमेरिका के साथ बातचीत को एक रणनीतिक गलती माना।
- 02महमूद नबावियन ने कहा कि परमाणु मुद्दे को बातचीत में शामिल करना गलत था।
- 03अमेरिका ने ईरान से समृद्ध किए गए परमाणु सामग्री को हटाने की मांग की थी।
- 04डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास समय कम है।
- 05ट्रंप ने समझौता तभी होने की बात कही जब वह अमेरिका के लिए फायदेमंद हो।
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ईरान के महमूद नबावियन ने पाकिस्तान में अमेरिका के साथ हुई बातचीत को अपनी सबसे बड़ी गलती करार दिया है। उन्होंने कहा कि परमाणु मुद्दे को बातचीत में शामिल करना एक रणनीतिक गलती थी, जिससे दुश्मनों को और अधिक हिम्मत मिली। नबावियन के अनुसार, अमेरिका ने ईरान से 60% तक समृद्ध किए गए परमाणु सामग्री को हटाने की मांग की थी, जिसे ईरान ने स्वीकार नहीं किया। इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के पास समय कम है और समझौता तभी होगा जब यह अमेरिका के लिए फायदेमंद होगा। ट्रंप ने ईरान की सैन्य स्थिति को कमजोर बताया और कहा कि हालात और खराब होंगे।
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इस बातचीत के परिणामस्वरूप ईरान की सुरक्षा स्थिति कमजोर हो सकती है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है।
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