काठमांडू दुनिया का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर, लाहौर पहले स्थान पर
प्रदूषण में पूरी दुनिया में लाहौर पहले नंबर पर और काठमांडू दूसरे पर, नेपाल में एयर इमरजेंसी जैसे हालात
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IQAir के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, काठमांडू, नेपाल, 247 AQI के साथ दुनिया का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया है, जबकि लाहौर, पाकिस्तान, 381 AQI के साथ पहले स्थान पर है। यह स्थिति स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रही है, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।
- 01काठमांडू का AQI 247 है, जो 'बेहद अस्वस्थ' श्रेणी में आता है।
- 02लाहौर, पाकिस्तान, 381 AQI के साथ पहले स्थान पर है।
- 03प्रदूषण के कारण नेपाल में हर साल लगभग 42,000 लोगों की मौत होती है।
- 04PM2.5 प्रदूषण इस समस्या का मुख्य कारण है।
- 05स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से बाहर निकलने से बचने और मास्क पहनने की सलाह दी है।
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IQAir के ताजा आंकड़ों के अनुसार, काठमांडू, नेपाल, 247 AQI के साथ दुनिया का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया है, जबकि पाकिस्तान का लाहौर 381 AQI के साथ पहले स्थान पर है। यह स्थिति स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रही है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए। काठमांडू में पिछले 24 घंटों में वायु गुणवत्ता में तेज गिरावट आई है, जिससे सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। PM2.5 प्रदूषण, जो हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों के कारण होता है, इस स्थिति का प्रमुख कारण बताया जा रहा है। नेपाल के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वायु प्रदूषण के कारण हर साल लगभग 42,000 लोगों की मौत होती है। इसमें से 19 प्रतिशत मौतें पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की और 27 प्रतिशत 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों की होती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अत्यधिक प्रदूषण के दौरान बाहर निकलने से बचने और मास्क पहनने की सलाह दी है। हालांकि, काठमांडू की बिगड़ती वायु गुणवत्ता को सुधारने के लिए दीर्घकालिक उपायों की कमी एक बड़ी चिंता बनी हुई है।
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काठमांडू में बढ़ते प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों में। यह स्थिति लोगों की जीवन प्रत्याशा को प्रभावित कर रही है।
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