एंड्रयू हॉलैंड: बाजारों में उत्साह, लेकिन पश्चिम एशिया संघर्ष की अनिश्चितता बनी हुई है
लंबे समय बाद मैं बाजारों पर उत्साहित हूं : एंड्रयू हॉलैंड
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एंड्रयू हॉलैंड (निप्पॉन इंडिया एसेट मैनेजमेंट) ने मुंबई में कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के चलते बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है। यदि युद्ध छह महीने तक चलता है, तो बाजारों का मूड बदल सकता है। हालांकि, वर्तमान में बाजारों में उत्साह है, और वे सामान्य स्थिति की उम्मीद कर रहे हैं।
- 01पश्चिम एशिया संघर्ष का बाजारों पर गहरा असर पड़ सकता है।
- 02अगर युद्धविराम होता है, तो तेल की कीमतें गिरेंगी और बाजार स्थिर होंगे।
- 03यदि संघर्ष लंबा खिंचता है, तो महंगाई और स्टैगफ्लेशन का खतरा बढ़ सकता है।
- 04बाजारों में हाल ही में 10-16 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो सकारात्मक संकेत है।
- 05हॉलैंड ने कहा कि वह लंबे समय बाद बाजारों को लेकर उत्साहित हैं।
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एंड्रयू हॉलैंड (निप्पॉन इंडिया एसेट मैनेजमेंट) ने मुंबई में एक इंटरव्यू में कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि युद्ध छह महीने तक चलता है, तो बाजारों का मूड बदल सकता है। वर्तमान में, बाजार यह मानकर चल रहे हैं कि संघर्ष जल्दी समाप्त होगा। यदि युद्धविराम होता है, तो यह सकारात्मक होगा, जिससे तेल की कीमतें गिरेंगी और बाजार सामान्य स्थिति में लौट आएंगे। हालांकि, यदि स्थिति बिगड़ती है, तो महंगाई बढ़ सकती है, जिससे स्टैगफ्लेशन का खतरा उत्पन्न होगा। हॉलैंड ने बताया कि पिछले दो वर्षों में मूल्यांकन में गिरावट आई है, जिससे शेयर और अधिक आकर्षक हो गए हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशक आम तौर पर लार्ज-कैप शेयरों को पसंद करते हैं और हाल में बाजार में 10-16 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो सकारात्मक संकेत है।
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अगर तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इससे महंगाई बढ़ेगी और उपभोक्ताओं पर दबाव पड़ेगा।
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