बेंगलुरु के सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने ठगी के जरिए 100 करोड़ रुपये कमाए
बेंगलुरु का 30 लाख सैलरी वाला सॉफ्टवेयर इंजीनियर बना साइबर ठग, 636 लोगों से ठगे 100 करोड़; बना रखा था कॉलसेंटर
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बेंगलुरु, भारत में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपने सहकर्मियों के साथ मिलकर फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए 636 लोगों से लगभग 100 करोड़ रुपये ठगे। मध्य प्रदेश के सनावद में चल रहे कॉल सेंटर से यह ठगी की गई, जिसमें जालसाजों ने फर्जी मोबाइल एप का इस्तेमाल किया।
- 01सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने ठगी के लिए फर्जी मोबाइल एप विकसित किया।
- 02636 लोगों से लगभग 100 करोड़ रुपये की ठगी की गई।
- 03मध्य प्रदेश के सनावद में कॉल सेंटर से ठगी का संचालन हुआ।
- 04पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया।
- 05ठगी के लिए तकनीकी विश्लेषण और आईपी ट्रैकिंग का उपयोग किया गया।
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बेंगलुरु, भारत में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपने सहकर्मियों के साथ मिलकर फर्जी ऑनलाइन निवेश योजनाओं के माध्यम से 636 लोगों से लगभग 100 करोड़ रुपये की ठगी की। यह गिरोह मध्य प्रदेश के सनावद में एक कॉल सेंटर चला रहा था, जहां जालसाजों ने फर्जी 'ट्रेड मेकर एल्गो' नामक मोबाइल एप का उपयोग किया। पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया, जिनमें बेंगलुरु के रवि राठौड़ और मध्य प्रदेश के विकास राठौड़ और सुदामा शामिल हैं। इन आरोपितों के पास से कई कंप्यूटर, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस ने मामले की जांच के लिए तकनीकी विश्लेषण और आईपी ट्रैकिंग का सहारा लिया, जिसके माध्यम से आरोपितों का पता लगाया गया। यह मामला तब सामने आया जब एक पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।
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इस ठगी से प्रभावित लोगों को आर्थिक नुकसान हुआ है, और यह साइबर अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को दर्शाता है।
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