नरेंद्र मोदी के शासन में सेवा, सुशासन और संकल्प की यात्रा
सेवा, सुशासन और संकल्प

Image: Aaj Tak
मई 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद, भारत ने सेवा, सुशासन और संकल्प के सिद्धांतों पर आधारित शासन की नई कार्यशैली अपनाई। इस अवधि में सरकार ने विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने, पारदर्शिता बढ़ाने, और सांस्कृतिक आत्मविश्वास को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया।
- 01नरेंद्र मोदी ने शासन को सेवा के रूप में प्रस्तुत किया, जिसमें अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने का प्रयास किया गया।
- 02सुशासन का अर्थ केवल भ्रष्टाचार कम करना नहीं, बल्कि पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को बढ़ाना है।
- 03भारत ने वैश्विक मंच पर एक सक्रिय भागीदार के रूप में अपनी पहचान बनाई है, न कि केवल एक दर्शक के रूप में।
- 04मोदी सरकार ने सांस्कृतिक आत्मविश्वास को पुनर्जीवित किया, जिससे भारतीयता और विरासत पर गर्व बढ़ा।
- 05नए राजनीतिक विमर्श में विकास, आकांक्षा और राष्ट्रीय गौरव को प्रमुखता दी गई है।
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मई 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद, भारत ने सेवा, सुशासन और संकल्प के सिद्धांतों पर आधारित शासन की नई कार्यशैली अपनाई। मोदी सरकार ने शासन को सेवा के रूप में प्रस्तुत किया, जिसमें अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने का प्रयास किया गया। सुशासन का अर्थ केवल भ्रष्टाचार कम करना नहीं, बल्कि पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को बढ़ाना है। पिछले बारह वर्षों में, मोदी सरकार ने डिजिटल तकनीक का उपयोग कर शासन और नागरिकों के बीच की दूरी को कम किया। इसके अलावा, भारत ने वैश्विक मंच पर एक सक्रिय भागीदार के रूप में अपनी पहचान बनाई है, न कि केवल एक दर्शक के रूप में। सांस्कृतिक आत्मविश्वास को पुनर्जीवित करने के लिए, मोदी सरकार ने भारतीयता और विरासत पर गर्व बढ़ाने का प्रयास किया। नए राजनीतिक विमर्श में विकास, आकांक्षा और राष्ट्रीय गौरव को प्रमुखता दी गई है। यह कालखंड भारत के आत्मविश्वास और राष्ट्रीय चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक है।
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मोदी सरकार के प्रयासों से मध्यप्रदेश में विकास की नई दिशा मिली है, जिसमें उद्योगों का जाल बिछाना और नक्सल मुक्त बनाना शामिल है।
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