ओडिशा के जनजातीय छात्रों ने सिविल सेवा परीक्षा में हासिल की सफलता
ओडिशा सिविल सेवा परीक्षा में EMRS के 3 पूर्व छात्रों का कमाल, जनजातीय युवाओं के लिए बने प्रेरणा
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ओडिशा लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) के तीन पूर्व छात्रों ने सफलता प्राप्त की है। नीलिमा कुमारी नायक, कृष्ण चंद्र हेंब्रम और केशव माझी ने क्रमशः 194वीं, 185वीं और 182वीं रैंक हासिल की, जो जनजातीय युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
- 01नीलिमा कुमारी नायक ने 194वीं रैंक प्राप्त की और वर्तमान में सहायक श्रम अधिकारी हैं।
- 02कृष्ण चंद्र हेंब्रम ने 185वीं रैंक हासिल की और ईएमआरएस भवानीपुर में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।
- 03केशव माझी ने 182वीं रैंक प्राप्त की और वह भी एक शिक्षक हैं।
- 04तीनों छात्रों की सफलता को ईएमआरएस प्रणाली की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
- 05शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ईएमआरएस ने जनजातीय छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर प्रदान किए हैं।
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ओडिशा सिविल सेवा परीक्षा में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) के तीन पूर्व छात्रों ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जिससे जनजातीय युवाओं के लिए प्रेरणा का नया स्रोत बना है। नीलिमा कुमारी नायक ने 194वीं रैंक प्राप्त की और वर्तमान में सहायक श्रम अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। कृष्ण चंद्र हेंब्रम ने 185वीं रैंक हासिल की और ईएमआरएस भवानीपुर में शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। केशव माझी ने 182वीं रैंक प्राप्त की और वह भी एक शिक्षक हैं। इन सफलताओं को ईएमआरएस प्रणाली की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जो दूरदराज के जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतिस्पर्धी माहौल प्रदान कर रही है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन सफलताओं से यह साबित होता है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती और उचित मार्गदर्शन मिलने पर जनजातीय समुदाय के युवा भी प्रशासनिक सेवाओं में अपनी पहचान बना सकते हैं।
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इन सफलताओं ने जनजातीय समुदाय के युवाओं को प्रेरित किया है कि वे भी प्रशासनिक सेवाओं में अपनी पहचान बना सकते हैं।
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