गरिमा अग्रवाल: हिंदी मीडियम से IAS बनने की प्रेरणादायक कहानी
Success Story: IAS बनने का जुनून... हिंदी मीडियम से पढ़ाई, विदेश की नौकरी छोड़ गरिमा ने 2 बार क्रैक किया UPSC
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
गरिमा अग्रवाल, जो मध्य प्रदेश के खरगोन की निवासी हैं, ने हिंदी माध्यम से पढ़ाई करके IAS बनने का सपना पूरा किया। उन्होंने विदेश में नौकरी छोड़कर UPSC की परीक्षा में दो बार सफलता हासिल की, पहले IPS बनीं और फिर IAS। उनका सफर मेहनत और समर्पण का प्रतीक है।
- 01गरिमा ने हिंदी माध्यम से पढ़ाई की और IAS बनने का सपना देखा।
- 02उन्होंने विदेश में आरामदायक नौकरी को छोड़कर UPSC की तैयारी की।
- 03पहले प्रयास में 240वीं रैंक हासिल कर IPS बनीं।
- 04दूसरे प्रयास में 40वीं रैंक लाकर IAS बनीं।
- 05उन्होंने मॉक टेस्ट और नियमित अभ्यास पर जोर दिया।
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गरिमा अग्रवाल, मध्य प्रदेश के खरगोन की निवासी, ने हिंदी माध्यम से पढ़ाई की और IAS बनने का सपना देखा। उन्होंने IIT हैदराबाद से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और जर्मनी में इंटर्नशिप की। विदेश में नौकरी की बजाय, उन्होंने UPSC की तैयारी करने का निर्णय लिया। पहले प्रयास में 240वीं रैंक हासिल कर IPS बनीं, लेकिन उनका असली लक्ष्य IAS था। उन्होंने 2018 में दोबारा परीक्षा दी और इस बार 40वीं रैंक लाकर IAS बनीं। गरिमा का मानना है कि UPSC की तैयारी में लगातार अभ्यास और मॉक टेस्ट बेहद महत्वपूर्ण हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि मेहनत और समर्पण से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
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गरिमा की सफलता से उन छात्रों को प्रेरणा मिलेगी जो हिंदी माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं और IAS बनने का सपना देख रहे हैं।
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