किसानों के लिए मिट्टी की जांच और संतुलित खादों के उपयोग की सलाह
खेतों की मिट्टी की जांच अवश्य करवाए : डाॅ.वर्मा
Amar Ujala
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डा. रमेश वर्मा, कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक, ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी खेतों की मिट्टी की जांच अवश्य करवाएं और संतुलित खादों का उपयोग करें। इससे खरीफ फसलों का उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
- 01किसान मिट्टी की जांच कर संतुलित खादों का उपयोग करें।
- 02अंधाधुंध खादों के प्रयोग से बचें।
- 03ढैंचा और मूंग की फसलें उगाने से उर्वरा शक्ति बढ़ेगी।
- 04रासायनिक खादों की खपत में 30-35% की बचत हो सकती है।
- 05सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए पंजीकरण करवाएं।
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कलायत में कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डा. रमेश वर्मा ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी खेतों की मिट्टी की जांच अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि संतुलित खादों का उपयोग करने से आने वाली खरीफ फसलों का उत्पादन बढ़ सकता है। अंधाधुंध खादों के प्रयोग से बचने की सलाह देते हुए, उन्होंने बताया कि मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए मूंग और ढैंचा जैसी फसलों की बिजाई करनी चाहिए। ढैंचा में राइजोबियम जीवाणु होता है, जो मिट्टी में नाइट्रोजन जमा करता है, जिससे फसलों की उर्वरा शक्ति बढ़ती है। इसके अलावा, मूंग के अवशेषों को मिट्टी में मिलाने से रासायनिक खादों की खपत में 30 से 35 प्रतिशत की बचत की जा सकती है। किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए पोर्टल पर पंजीकरण करवाने का भी सुझाव दिया गया है।
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किसानों को संतुलित खादों के उपयोग से फसल उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
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