मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव: भाजपा और कांग्रेस की रणनीतियों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
राज्यसभा चुनाव: MP में कांग्रेस के प्रत्याशी पर भाजपा की पैनी नजर, तीसरी सीट पर हो सकता है सियासी खेला

Image: Jagran
मध्य प्रदेश में जून में होने वाले राज्यसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच तीसरी सीट को लेकर सियासी खेल शुरू हो गया है। भाजपा को दो सीटों पर जीत की उम्मीद है, जबकि तीसरी सीट के लिए कांग्रेस के उम्मीदवार की घोषणा महत्वपूर्ण होगी।
- 01राज्यसभा की तीन सीटों में से भाजपा को दो और कांग्रेस को एक सीट जीतने की उम्मीद है।
- 02भाजपा तीसरी सीट पर जीत के लिए कांग्रेस के उम्मीदवार की ताकत पर निर्भर है।
- 03कमल नाथ की उम्मीदवारी से विपक्षी विधायकों का एकजुट होना संभव है।
- 04भाजपा ने अतीत में अंतिम समय में अतिरिक्त उम्मीदवार उतारकर चुनावी समीकरण बदले हैं।
- 05कांग्रेस अपने उम्मीदवार के चयन में सतर्कता बरत रही है ताकि भाजपा की रणनीति को विफल किया जा सके।
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मध्य प्रदेश में जून में होने वाले राज्यसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज हो गई हैं, जहां भाजपा और कांग्रेस के बीच तीसरी सीट को लेकर सियासी खींचतान शुरू हो गई है। वर्तमान विधानसभा में भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 64 विधायक हैं। भाजपा को दो सीटों पर जीत की संभावना है, लेकिन तीसरी सीट पर जीत के लिए उसे लगभग आठ अतिरिक्त मतों की आवश्यकता होगी। यदि कांग्रेस पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ को उम्मीदवार बनाती है, तो यह स्थिति को बदल सकती है और विपक्षी विधायकों को एकजुट कर सकती है। भाजपा ने अतीत में कई बार अंतिम समय में अतिरिक्त उम्मीदवार उतारकर चुनावी समीकरणों को प्रभावित किया है। कांग्रेस भी अपने उम्मीदवार के चयन में सतर्कता बरत रही है, ताकि भाजपा की संभावित रणनीति को विफल किया जा सके। आगामी दिनों में उम्मीदवारों की घोषणा के साथ प्रदेश की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल सकती है।
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राज्यसभा चुनाव के परिणाम मध्य प्रदेश की राजनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं।
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