देहरादून की मांओं ने ऑटो चलाकर बनाई नई पहचान
देहरादून की सुपर मॉम्स: पति को खोने के बाद थामा ऑटो का हैंडल, बच्चों के सपनों ने भरी उड़ान
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देहरादून की बीना क्षेत्री और रानू रावत ने अपने परिवार के लिए संघर्ष करते हुए ई-ऑटो चलाना शुरू किया। पति की मौत के बाद, बीना ने ऑटो चलाने की जिम्मेदारी ली, जबकि रानू ने बच्चों के भविष्य के लिए यह कदम उठाया। दोनों महिलाएं अब प्रेरणा बन चुकी हैं।
- 01बीना क्षेत्री ने पति की मौत के बाद ऑटो चलाना शुरू किया।
- 02रानू रावत ने बच्चों के भविष्य के लिए ई-ऑटो चलाने का निर्णय लिया।
- 03दोनों महिलाएं समाज में महिला सशक्तीकरण का प्रतीक बन गई हैं।
- 04इनकी कहानियां अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
- 05समाज की सोच में बदलाव आया है, अब लोग इन महिलाओं को सम्मान से देखते हैं।
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देहरादून की बीना क्षेत्री और रानू रावत ने अपने परिवार के लिए संघर्ष करते हुए ई-ऑटो चलाना शुरू किया। बीना, जिनके पति की मई 2021 में कोरोना से मौत हो गई थी, ने अपने बच्चों की शिक्षा और भलाई के लिए ऑटो चलाने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने बेटे अक्षय के साथ मिलकर यह काम शुरू किया, जिससे न केवल उनका परिवार चल रहा है, बल्कि वे दूसरी महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं। रानू रावत ने भी अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ऑटो चलाना शुरू किया। इन महिलाओं की मेहनत और संघर्ष ने उन्हें आत्मनिर्भर बना दिया है। अब वे न केवल अपने परिवार का खर्च उठा रही हैं, बल्कि समाज में महिला सशक्तीकरण का प्रतीक भी बन चुकी हैं। मदर्स डे पर, इनकी कहानियां यह संदेश देती हैं कि मां केवल घर संभालने वाली नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर परिवार की ढाल भी बन सकती हैं।
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इन महिलाओं की कहानी ने अन्य महिलाओं को प्रेरित किया है कि वे भी अपनी स्थिति को सुधार सकती हैं।
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