जयपुर के हाथी गांव में एशियाई हाथियों के लिए गर्मी से बचने का विशेष प्रबंध
जयपुर के हाथी गांव में 5 टन वजनी एशियाई हाथियों के लिए दिन-रात चल रहा 'समर सर्वाइवल प्लान'
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जयपुर के हाथी गांव में एशियाई हाथियों को गर्मी से बचाने के लिए विशेष उपाय किए जा रहे हैं। महावत हाथियों को दिन में 8 से 10 बार पानी से नहलाते हैं और उन्हें ठंडा रखने के लिए तरबूज, खीरा और इलेक्ट्रोलाइट्स दिए जा रहे हैं। इस समय गांव में 75 हाथी हैं, जो राजस्थान की गर्मी में संघर्ष कर रहे हैं।
- 01हाथियों को गर्मी से राहत देने के लिए महावत दिन में 8 से 10 बार उन्हें पानी से नहलाते हैं।
- 02गर्मी में हाथियों का खाना बदलकर तरबूज, खीरा, गन्ना, केला और हरा चारा दिया जा रहा है।
- 03जयपुर के हाथी गांव में इस समय 75 हाथी हैं, जो राजस्थान की गर्मी में जीवित रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
- 04एशियाई हाथियों का वजन 3 से 5 टन तक हो सकता है, जिससे उनकी गर्मी सहन करने की क्षमता कम हो जाती है।
- 05हाथियों के बड़े कान उनके शरीर के प्राकृतिक कूलिंग सिस्टम का काम करते हैं।
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जयपुर के आमेर के पास स्थित हाथी गांव में एशियाई हाथियों के लिए गर्मी से बचने के विशेष उपाय किए जा रहे हैं। गर्मियों में तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, जिससे हाथियों को हीट स्ट्रेस का खतरा होता है। महावत सुबह सूरज निकलने से पहले ही हाथियों पर पानी डालना शुरू करते हैं और दिन में उन्हें 8 से 10 बार नहलाते हैं। इसके अलावा, हाथियों को ठंडा रखने के लिए तरबूज, खीरा, गन्ना और इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे खाद्य पदार्थ दिए जा रहे हैं। हाथियों का वजन 3 से 5 टन तक होता है, जिससे राजस्थान की गर्मी में उनका जीवन कठिन हो जाता है। इस समय हाथी गांव में 75 हाथी हैं, जो गर्मी से राहत पाने के लिए तालाब में घंटों खड़े रहते हैं। हाथियों के बड़े कान उनके शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करते हैं, जिससे वे गर्मी को सहन कर पाते हैं।
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हाथियों के संरक्षण के लिए किए जा रहे उपायों से उनकी सेहत और जीवन स्तर में सुधार होगा।
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