यमुना विहार में बाल मजदूरी के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई, 40 बच्चे मुक्त
यमुना विहार में प्रशासन का बड़ा एक्शन, फैक्ट्रियों और दुकानों से मुक्त कराए 40 से ज्यादा बच्चे, 6 जगहें सील!
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दिल्ली के यमुना विहार में प्रशासन ने बाल मजदूरी के खिलाफ एक अभियान चलाते हुए 40 से अधिक बच्चों को मुक्त कराया। ये बच्चे ज्यादातर उत्तर प्रदेश और बिहार के थे और विभिन्न फैक्ट्रियों और दुकानों में काम कर रहे थे। प्रशासन ने 6 स्थानों को सील किया और संबंधित संचालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।
- 01यमुना विहार में 40 बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया गया।
- 02छापेमारी में 6 स्थानों को सील किया गया, जिनमें 4 फैक्ट्रियां और 2 दुकानें शामिल हैं।
- 03बच्चों में अधिकतर उत्तर प्रदेश और बिहार के निवासी थे।
- 04प्रशासन ने पहले चेतावनी दी थी, लेकिन सुधार नहीं हुआ।
- 05आगे भी ऐसे अभियान जारी रखने का आश्वासन दिया गया है।
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दिल्ली के यमुना विहार इलाके में प्रशासन ने बाल मजदूरी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया, जिसमें 40 से अधिक बच्चों को काम से मुक्त कराया गया। ये बच्चे मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और बिहार के थे और विभिन्न फैक्ट्रियों और दुकानों में काम कर रहे थे। प्रशासन ने इस कार्रवाई के दौरान 6 स्थानों को सील किया, जिनमें 4 फैक्ट्रियां और 2 दुकानें शामिल थीं। यह अभियान स्थानीय विधायक अजय महावर और क्षेत्र के लोगों की शिकायतों के बाद शुरू किया गया। पहले प्रशासन ने फैक्ट्री और दुकान मालिकों को चेतावनी दी थी, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद सख्त कदम उठाते हुए छापेमारी की गई। अधिकारियों ने यह भी बताया कि बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और बाल मजदूरी को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने आगे भी ऐसे अभियानों को जारी रखने का वादा किया है ताकि बच्चों को सुरक्षित माहौल मिल सके और उनका भविष्य बेहतर बनाया जा सके।
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इस कार्रवाई से स्थानीय बच्चों को सुरक्षित माहौल मिलेगा और बाल मजदूरी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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