चंबा में मॉक ड्रिल के दौरान बादल फटने से रजेरा पावर स्टेशन को नुकसान
मॉक ड्रिल : बादल फटने से रजेरा पावर स्टेशन को नुकसान
Amar Ujala
Image: Amar Ujala
चंबा, हिमाचल प्रदेश में एक मेगा मॉक ड्रिल के दौरान बादल फटने से रजेरा पावर स्टेशन को नुकसान हुआ। रावी नदी में बाढ़ आने से दो लोग फंस गए थे, जिन्हें बचाने के लिए कई बचाव दलों ने प्रयास किए। इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन प्रतिक्रिया की तैयारी को सुनिश्चित करना था।
- 01चंबा में मॉक ड्रिल के दौरान रजेरा पावर स्टेशन को नुकसान हुआ।
- 02रावी नदी में बाढ़ के कारण दो लोग फंस गए थे।
- 03बचाव कार्य में सीआईएसफ, एनडीआरफ और अन्य विभाग शामिल थे।
- 04मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपातकालीन प्रतिक्रिया की तैयारी को मजबूत करना था।
- 05पिछले वर्ष की आपदा के अनुभव से प्रशासन ने सतर्कता बरती।
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चंबा, हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को एक मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें भारी बारिश और बादल फटने से रजेरा पावर स्टेशन को नुकसान हुआ। रावी नदी में अचानक बाढ़ आने से दो लोग फंस गए थे, जिन्हें बचाने के लिए सीआईएसफ, एनडीआरफ, अग्निशमन, होमगार्ड और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मिलकर प्रयास किए। मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना था। पिछले वर्ष की प्राकृतिक आपदाओं से सबक लेते हुए जिला प्रशासन ने इस बार बेहतर तैयारी की है। मॉक ड्रिल के दौरान रजेरा पावर स्टेशन में शार्ट सर्किट से आग लगने का भी खतरा था, जिसे ध्यान में रखते हुए अभ्यास किया गया।
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इस मॉक ड्रिल से स्थानीय प्रशासन की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमताओं में सुधार होगा, जिससे भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित और प्रभावी राहत कार्य संभव हो सकेगा।
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