जालंधर ब्लास्ट में घायल गुरप्रीत सिंह की रिहाई, सरकार से मदद की अपील
जालंधर ब्लास्ट केस में पूछताछ के बाद गुरप्रीत सिंह रिहा, सरकार से मांगी मदद
Aaj Tak
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जालंधर, पंजाब में बीएसएफ हेडक्वार्टर के बाहर हुए धमाके के बाद 20 वर्षीय गुरप्रीत सिंह को पुलिस ने रिहा कर दिया। धमाके में गंभीर रूप से घायल होने के कारण उसने सरकार से आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी की मांग की है।
- 01गुरप्रीत सिंह को बीएसएफ हेडक्वार्टर के बाहर धमाके के बाद हिरासत में लिया गया था।
- 02धमाके में गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी सुनने की क्षमता प्रभावित हुई।
- 03गुरप्रीत ने सरकार से आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी की अपील की।
- 04परिवार पहले से ही आर्थिक संकट में है और गुरप्रीत घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था।
- 05गुरप्रीत ने किसी भी गलत गतिविधि में शामिल होने से इनकार किया।
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जालंधर, पंजाब में बीएसएफ हेडक्वार्टर के बाहर 5 मई को हुए धमाके के बाद 20 वर्षीय गुरप्रीत सिंह को पुलिस ने पूछताछ के बाद रिहा कर दिया। धमाके के समय वह अपने परिवार से फोन पर बात कर रहा था, जब उसकी स्कूटी में अचानक विस्फोट हुआ। इस घटना में उसे गंभीर चोटें आईं, जिससे उसके दाहिने कान से सुनने की क्षमता कम हो गई। गुरप्रीत ने बताया कि धमाके ने उसकी जिंदगी बदल दी है और उसकी छवि खराब हुई है। उसने सरकार से अपील की है कि उसकी आर्थिक सहायता की जाए और उसे सरकारी नौकरी दी जाए, क्योंकि वह चार बहनों का इकलौता भाई है और परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य है। उसके माता-पिता ने भी सरकार से मदद की गुहार लगाई है, क्योंकि परिवार पहले से ही कर्ज में डूबा हुआ है।
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गुरप्रीत की स्थिति से उसकी परिवार की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ा है, जिससे उन्हें सरकार से मदद की आवश्यकता है।
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