AAP में बगावत: केजरीवाल का संवैधानिक कदम और राष्ट्रपति से संपर्क
AAP News Live: राघव चड्ढा की बगावत पर केजरीवाल का 'मास्टर प्लान', राष्ट्रपति तक पहुंची बात; अब किसकी बचेगी कुर्सी?
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आम आदमी पार्टी (AAP) में राघव चड्ढा के नेतृत्व में 7 सांसदों की बगावत ने पार्टी के अस्तित्व को संकट में डाल दिया है। अरविंद केजरीवाल अब बागियों के खिलाफ संवैधानिक कार्रवाई करने की योजना बना रहे हैं और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से संपर्क कर रहे हैं।
- 01राघव चड्ढा की अगुवाई में 7 सांसदों ने AAP छोड़ दी है।
- 02केजरीवाल बागियों के खिलाफ संवैधानिक कार्रवाई की योजना बना रहे हैं।
- 03पार्टी का दावा है कि बागियों का विलय वैध नहीं है।
- 04कानूनी पेचिदगियों के कारण मामला अदालत तक जा सकता है।
- 05राष्ट्रपति से संपर्क कर कार्रवाई की मांग की जा रही है।
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आम आदमी पार्टी (AAP) अब अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है, जब राघव चड्ढा (AAP नेता) के नेतृत्व में राज्यसभा के 7 सांसदों ने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया। यह बगावत केवल एक आंतरिक कलह नहीं है, बल्कि यह एक संवैधानिक और राजनीतिक लड़ाई का रूप ले चुकी है। केजरीवाल का मास्टर प्लान बागियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करना है, जिसके तहत उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राज्यसभा के चेयरमैन सी पी राधाकृष्णन से संपर्क करने की योजना बनाई है। बागियों का दावा है कि वे 2/3 संख्या के साथ आए हैं, जिससे एंटी-डिफेक्शन कानून उन पर लागू नहीं होगा। हालांकि, AAP का कहना है कि यह निर्णय व्यक्तिगत स्तर पर लिया गया है और इसे वैध नहीं माना जा सकता। इस मामले की कानूनी पेचिदगियों के कारण यह अदालत तक भी जा सकता है।
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यदि बागियों के खिलाफ कार्रवाई सफल होती है, तो यह AAP के भविष्य को प्रभावित कर सकती है और राजनीतिक समीकरणों को बदल सकती है।
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