राजस्थान रॉयल्स की बिक्री में देरी, प्रमुख निवेशकों को फंडिंग में समस्या
Rajasthan Royals Buyout Deal: राजस्थान रॉयल्स की बिक्री फंसी! सबसे अमीर फैमिली का निवेशक, फिर भी नहीं हो पा रहा फंडिंग का जुगाड़
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राजस्थान रॉयल्स की 1.63 अरब डॉलर की बिक्री में पेच फंस गया है। प्रमुख निवेशक समूह को फंडिंग, रेगुलेटरी मुद्दों और जटिल कंसोर्टियम संरचना के कारण देरी का सामना करना पड़ रहा है। इसमें रॉब वॉल्टन और शीला फोर्ड हैंप जैसे वैश्विक निवेशक शामिल हैं।
- 01राजस्थान रॉयल्स की बिक्री 1.63 अरब डॉलर में प्रस्तावित है।
- 02सोमानी ग्रुप को फंडिंग जुटाने में कठिनाई हो रही है।
- 03बीसीसीआई ने सेकेंडरी ओनरशिप ट्रांजैक्शन पर सवाल उठाए हैं।
- 04लक्ष्मी मित्तल ने भी टीम के लिए बोली लगाई थी, लेकिन वह सबसे बड़ी नहीं थी।
- 05राज कुंद्रा ने कानूनी लड़ाई में अपनी हिस्सेदारी बहाल करने की मांग की है।
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राजस्थान रॉयल्स की 1.63 अरब डॉलर की बिक्री में पेच फंस गया है, जिससे डील में देरी हो रही है। सूत्रों के अनुसार, प्रमुख निवेशक समूह, जिसमें रॉब वॉल्टन और शीला फोर्ड हैंप जैसे वैश्विक निवेशक शामिल हैं, फंडिंग जुटाने में कठिनाई का सामना कर रहा है। सोमानी ग्रुप, जो इस डील का नेतृत्व कर रहा है, ने कई बड़ी निवेश कंपनियों से संपर्क किया है, लेकिन अब तक किसी ने कमिटमेंट नहीं किया है। इसके अलावा, बीसीसीआई ने सेकेंडरी ओनरशिप ट्रांजैक्शन की फीस पर सवाल उठाए हैं, जिससे डील प्रभावित हुई है। लक्ष्मी मित्तल ने भी टीम के लिए 1.5 अरब डॉलर की बोली लगाई थी, लेकिन यह सबसे बड़ी बोली नहीं थी। इस बीच, राज कुंद्रा ने अपनी 11.7 फीसदी हिस्सेदारी बहाल करने के लिए कानूनी लड़ाई शुरू की है।
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इस डील में देरी से राजस्थान रॉयल्स के मौजूदा और संभावित निवेशकों के लिए अनिश्चितता बढ़ गई है।
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