रूसी तेल की खरीद में गिरावट, भारत की नई रणनीतियाँ
होर्मुज ब्लॉकेड के बीच रूसी तेल की खरीद में भारी गिरावट! कमी कैसे पूरी करेगा भारत
Aaj Tak
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भारत ने मार्च में भारी मात्रा में रूसी तेल खरीदा, लेकिन अप्रैल में आयात में 20% की गिरावट आई है। यह गिरावट यूक्रेन के हमलों और रिफाइनरियों के मेंटेनेंस के कारण हुई। सऊदी अरब और यूएई से वैकल्पिक सप्लाई के चलते भारत पर इसका प्रभाव कम होगा।
- 01अप्रैल में रूसी तेल का आयात 20% घटा है।
- 02यूक्रेन के हमलों से रूसी रिफाइनरियों पर असर पड़ा है।
- 03भारत ने सऊदी अरब और यूएई से वैकल्पिक तेल सप्लाई शुरू की है।
- 04नायरा एनर्जी रिफाइनरी का मेंटेनेंस भी गिरावट का एक कारण है।
- 05मार्च में भारत ने रूस से अधिक तेल खरीदा था, जो अब कम हो गया है।
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मार्च में, भारतीय रिफाइनरियों ने ईरान के संघर्ष और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के कारण भारी मात्रा में रूसी तेल खरीदा। हालांकि, अप्रैल में यह आयात 20% घटकर 15.7 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया। इस गिरावट का मुख्य कारण यूक्रेन के हमले हैं, जिससे रूस की रिफाइनरियों को नुकसान हुआ है। विशेष रूप से, नायरा एनर्जी रिफाइनरी का 35 दिन का मेंटेनेंस शटडाउन भी एक महत्वपूर्ण कारण रहा। इसके बावजूद, भारत ने सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से वैकल्पिक तेल सप्लाई शुरू कर दी है, जिससे रूसी तेल की कमी का प्रभाव कम होगा।
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रूसी तेल की कमी से भारतीय रिफाइनरियों को सप्लाई चेन में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन सऊदी अरब और UAE से वैकल्पिक आपूर्ति से स्थिति नियंत्रित रहेगी।
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