गुना के डायल-112 जवानों ने घायल हिरण के शावक को बचाया
गुना के डायल-112 हीरोज
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गुना जिले के थाना म्याना क्षेत्र में डायल-112 के जवानों ने घायल हिरण के शावक को सुरक्षित वन विभाग के सुपुर्द किया। उनकी तत्परता से वन्यजीव को समय पर उपचार मिला। यह घटना मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशीलता को दर्शाती है।
- 0107 जून को डायल-112 को सूचना मिली कि ग्राम जमरा जंगल के पास एक हिरण का शावक घायल है।
- 02डायल-112 के जवानों ने तत्परता से घटनास्थल पर पहुँचकर घायल हिरण के शावक को सुरक्षित किया।
- 03घायल शावक को उपचार हेतु फॉरेस्ट चौकी पहुँचाया गया, जहाँ उसका इलाज किया जा रहा है।
- 04यह घटना मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा की मानवता और वन्यजीवों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
- 05डायल-112 जवानों की संवेदनशीलता से एक वन्यजीव को समय पर संरक्षण मिला।
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गुना जिले के थाना म्याना क्षेत्र में डायल-112 के जवानों ने एक घायल हिरण के शावक को सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया। 07 जून को भोपाल स्थित राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि ग्राम जमरा जंगल के पास एक हिरण का शावक कुत्ते द्वारा काटा गया है और उसे सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही डायल-112 का एफआरव्ही वाहन घटनास्थल के लिए रवाना हुआ। आरक्षक देवदत्त वर्मा और पायलट राजेश राजपूत ने मौके पर पहुँचकर घायल शावक को सुरक्षित किया। उन्होंने तत्परता से उसे फॉरेस्ट चौकी पहुँचाया, जहाँ वन विभाग के अधिकारियों ने उसका उपचार शुरू किया। इस घटना ने दिखाया कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा न केवल मानव जीवन के प्रति संवेदनशील है, बल्कि वन्यजीवों और पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति भी प्रतिबद्ध है। डायल-112 जवानों की इस मानवीय कार्यवाही से एक वन्यजीव को समय पर आवश्यक देखभाल और संरक्षण मिला।
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डायल-112 की तत्परता से घायल वन्यजीव को समय पर उपचार मिला, जो स्थानीय वन्यजीव संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।
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