हिमाचल प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनावों के लिए कांग्रेस की रणनीति
हिमाचल में पंचायत, निकाय और नगर निगम चुनाव के लिए क्या है सुक्खू सरकार का प्लान, मीटिंग में कांग्रेस ने क्या रणनीति बनाई?
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हिमाचल प्रदेश में पंचायत और शहरी निकाय चुनावों के लिए कांग्रेस पार्टी ने अपनी रणनीति तैयार की है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और पार्टी अध्यक्ष विनय कुमार को चुनावी कमेटियों के गठन का जिम्मा सौंपा गया है। चुनावों की तारीखें जल्द ही घोषित की जाएंगी।
- 01कांग्रेस ने पंचायत और निकाय चुनावों के लिए रणनीति बनाई है।
- 02मुख्यमंत्री सुक्खू और अध्यक्ष विनय कुमार को कमेटियों के गठन की जिम्मेदारी दी गई है।
- 03कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों को चुनावी पर्यवेक्षक के रूप में मैदान में उतारा जाएगा।
- 04इन चुनावों को 'सत्ता का सेमीफाइनल' माना जा रहा है।
- 0531 मई से पहले चुनाव कराने के आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिए हैं।
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हिमाचल प्रदेश में आगामी पंचायत और शहरी निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। राजधानी शिमला में आयोजित एक बैठक में, पार्टी ने निर्णय लिया कि कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों को चुनावी पर्यवेक्षक बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार को चुनावी कमेटियों के गठन और जिम्मेदारियों का निर्धारण करने के लिए अधिकृत किया गया है। बैठक में यह भी बताया गया कि इन चुनावों को 'सत्ता का सेमीफाइनल' माना जा रहा है, जिसमें अधिक से अधिक कांग्रेस समर्थित प्रतिनिधियों को जीत दिलाने के लिए ठोस रणनीति अपनाई जाएगी। चुनाव आयोग द्वारा चुनावों की तारीखें जल्द ही घोषित की जाएंगी, और धर्मशाला, सोलन, और मंडी नगर निगमों में चुनाव होंगे।
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यदि कांग्रेस की रणनीति सफल होती है, तो यह स्थानीय राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकती है और कांग्रेस समर्थित प्रतिनिधियों की संख्या बढ़ा सकती है।
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