दिल्ली से पंजाब और हिमाचल के लिए नया ग्रीनफील्ड हाईवे: समय और ईंधन की बचत
दिल्ली से पंजाब-हिमाचल जाना होगा आसान, ये ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बचाएगा टाइम और तेल
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दिल्ली से पंजाब और हिमाचल प्रदेश जाने वाले यात्रियों के लिए अंबाला-चंडीगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना का काम तेजी से चल रहा है। यह नया कॉरिडोर 61 किलोमीटर लंबा होगा, जिससे यातायात में कमी आएगी और ईंधन की बचत होगी। पहले चरण का 80% काम पूरा हो चुका है, जबकि दूसरे चरण का बाईपास यातायात के लिए खुल चुका है।
- 01अंबाला-चंडीगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे की कुल लंबाई लगभग 61 किलोमीटर है।
- 02पहले चरण का 80% काम पूरा हो चुका है, जो देवीनगर से आईटी सिटी चौक तक फैला है।
- 03दूसरे चरण का बाईपास, जिसे मोहाली-कुराली बाईपास कहा जाता है, पूरी तरह से तैयार है।
- 04सरकार ने ₹1,463.95 करोड़ के बजट से 10.3 किलोमीटर लंबे 6-लेन लिंक रोड को मंजूरी दी है।
- 05इस नए कॉरिडोर के चालू होने पर रोजाना लगभग 80,000 वाहन चालकों को लाभ मिलेगा।
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दिल्ली से पंजाब और हिमाचल प्रदेश जाने वाले यात्रियों के लिए अंबाला-चंडीगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना एक महत्वपूर्ण विकास साबित हो रही है। यह नया ग्रीनफील्ड कॉरिडोर लगभग 61 किलोमीटर लंबा होगा, जो न केवल यात्रा की दूरी को कम करेगा, बल्कि यातायात में भी कमी लाएगा। इस परियोजना को 2020-21 में मंजूरी मिली थी और अब इसका काम तेजी से चल रहा है। पहले चरण का 80% काम पूरा हो चुका है, जो देवीनगर (अंबाला) से आईटी सिटी चौक (मोहाली) तक फैला है। दूसरे चरण का बाईपास, जिसे मोहाली-कुराली बाईपास कहा जाता है, पूरी तरह से तैयार है और इसे आम जनता के वाहनों के लिए खोल दिया गया है। इसके अलावा, सरकार ने ₹1,463.95 करोड़ के बजट के साथ एक नए 10.3 किलोमीटर लंबे 6-लेन लिंक रोड को मंजूरी दी है, जो इस ग्रीनफील्ड हाईवे को जीरकपुर बाईपास से जोड़ेगा। इस नए कॉरिडोर के चालू होने पर रोजाना लगभग 80,000 वाहन चालकों को लाभ मिलेगा, जिससे समय और ईंधन की बचत होगी।
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इस नए कॉरिडोर के चालू होने से यात्रियों को समय और ईंधन की बचत होगी, जिससे उनकी यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।
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