भारतीय सेना में गोरखा सैनिकों की भर्ती: इतिहास और वर्तमान स्थिति
Gorkha Regiment: भारतीय सेना में गोरखा सैनिकों की भर्ती का इतिहास, दुनियाभर में कई युद्धों में दिखा चुके हैं पराक्रम
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
भारतीय सेना में गोरखा सैनिकों की भर्ती का इतिहास 1814-1816 के एंग्लो-नेपाली युद्ध से शुरू होता है। वर्तमान में भर्ती प्रक्रिया में रुकावट आई है, मुख्यतः नेपाल की आपत्तियों के कारण। नेपाल सरकार चार साल की अल्पकालिक सेवा को स्वीकार नहीं कर रही है, जिससे भर्ती ठप हो गई है।
- 01गोरखा सैनिकों की भर्ती का इतिहास 1814-1816 के एंग्लो-नेपाली युद्ध से शुरू हुआ था।
- 02भारतीय सेना में वर्तमान में लगभग 30,000 नेपाली गोरखा सैनिक सक्रिय हैं।
- 03नेपाल ने भारतीय सेना की अग्निवीर भर्ती योजना पर आपत्ति जताई है।
- 04गोरखा रेजिमेंट्स की संख्या भारतीय सेना में सात है, जिनमें से चार ब्रिटिश सेना में स्थानांतरित हो गई थीं।
- 05भारत-नेपाल के बीच सीमा विवादों ने गोरखा भर्ती पर प्रभाव डाला है।
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भारतीय सेना में गोरखा सैनिकों की भर्ती का इतिहास 1814-1816 के एंग्लो-नेपाली युद्ध से शुरू हुआ, जब गोरखा सैनिकों की बहादुरी को देखते हुए उन्हें ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी में शामिल किया गया। पिछले 200 वर्षों में, गोरखा सैनिकों ने कई युद्धों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसमें प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध शामिल हैं। वर्तमान में, भारतीय सेना में सात गोरखा रेजिमेंट्स हैं, जिनमें लगभग 30,000 नेपाली गोरखा सैनिक सक्रिय हैं। हालाँकि, भर्ती प्रक्रिया में रुकावट आई है, मुख्यतः नेपाल की आपत्तियों के कारण, जो चार साल की अल्पकालिक सेवा को स्वीकार नहीं कर रहा है। नेपाल सरकार ने भारतीय सेना की अग्निवीर भर्ती योजना पर विरोध जताया है, जिससे भर्ती पूरी तरह ठप हो गई है। इसके अलावा, भारत-नेपाल के बीच सीमा विवादों ने भी इस मुद्दे को प्रभावित किया है।
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भारतीय सेना में गोरखा सैनिकों की भर्ती में रुकावट से भविष्य में गोरखा सैनिकों की संख्या में कमी आ सकती है।
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