नींद की गुणवत्ता पर ध्यान दें: थकान का असली कारण
8 घंटे सोकर भी थकान? आपकी नींद नहीं, ये है असली वजह
Aaj Tak
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आजकल लोग अपनी नींद से समझौता करते हैं, जिससे थकान और स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। नींद का संबंध सर्केडियन रिदम से है, जो शरीर की आंतरिक घड़ी है। नियमितता और गुणवत्ता वाली नींद के लिए 7 से 9 घंटे सोना जरूरी है।
- 01नींद का संबंध सर्केडियन रिदम से है, जो शरीर की आंतरिक घड़ी है।
- 02देर रात जागने और जल्दी उठने से गहरी नींद नहीं मिलती।
- 03नींद की कमी से इम्यूनिटी कमजोर होती है।
- 047 से 9 घंटे की गुणवत्ता वाली नींद जरूरी है।
- 05सोने और जागने का समय नियमित रखना चाहिए।
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आजकल कई लोग अपनी नींद को नजरअंदाज करते हैं, जिससे उन्हें थकान और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। नींद का संबंध सर्केडियन रिदम से है, जो शरीर की आंतरिक घड़ी है और रोशनी तथा अंधेरे के अनुसार काम करती है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की रिसर्च के अनुसार, यह रिदम हार्मोन्स जैसे मेलाटोनिन और कोर्टिसोल को नियंत्रित करती है। पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. समीर गार्डे के अनुसार, देर रात तक जागने और सुबह जल्दी उठने से गहरी नींद नहीं मिलती, जो मांसपेशियों की रिकवरी और शरीर में ऑक्सीजन स्तर को बनाए रखने के लिए आवश्यक है। नींद की कमी से सूजन बढ़ती है और इम्यूनिटी कमजोर होती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि 7 से 9 घंटे की गुणवत्ता वाली नींद जरूरी है, और सोने और जागने का समय नियमित होना चाहिए।
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यदि लोग अपनी नींद की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं देंगे, तो उनकी स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं, जिससे समाज में बीमारियों का बोझ बढ़ेगा।
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