दिल्ली दंगा मामले में मोहम्मद अनवर हत्या के पांच आरोपियों को बरी किया गया
दिल्ली दंगा मामला: मोहम्मद अनवर हत्याकांड में पांच आरोपी बरी, सबूतों के अभाव में अदालत का फैसला

Image: Jagran
दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान मोहम्मद अनवर की हत्या के मामले में पांच आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में असफल रहा और गवाहों के बयानों में गंभीर विसंगतियां थीं।
- 01अदालत ने 84 पन्नों के फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष संदेह से परे आरोप साबित करने में विफल रहा।
- 02मोहम्मद अनवर की हत्या 25 फरवरी 2020 को करावल नगर के शिव विहार इलाके में हुई थी।
- 03डीएनए जांच से यह साबित हुआ कि बरामद अवशेष अनवर के थे, लेकिन आरोपियों की संलिप्तता साबित नहीं हुई।
- 04सलीम कस्सार की गवाही में गंभीर विरोधाभास पाए गए, जिससे उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठे।
- 05अदालत ने सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया।
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दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान मोहम्मद अनवर की हत्या के मामले में पांच आरोपियों को बरी कर दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीन सिंह ने अपने 84 पन्नों के फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपितों के खिलाफ संदेह से परे आरोप साबित करने में असफल रहा है। अदालत ने यह भी कहा कि अभियोजन के साक्ष्यों और गवाहों के बयानों में गंभीर विसंगतियां थीं। 25 फरवरी 2020 को करावल नगर के शिव विहार में हुई इस हत्या के मामले में, अनवर पर हमले के बाद उनकी हत्या की गई और शव को जलाने का आरोप था। डीएनए जांच से यह साबित हुआ कि बरामद अवशेष अनवर के थे, लेकिन इससे आरोपितों की संलिप्तता सिद्ध नहीं हुई। मुख्य गवाह सलीम कस्सार की गवाही को अदालत ने अविश्वसनीय माना, जिससे आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया।
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इस फैसले से स्थानीय समुदाय में न्याय प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठ सकते हैं।
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