भारत में पर्यावरण संकट: 2025 में मौसमी आपदाओं से 4,421 मौतें
भारत में पर्यावरण संकट गहराया, मौसमी आपदाओं से 2025 में गईं 4,421 जानें; CSE की डराने वाली रिपोर्ट

Image: Jagran
सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) की नई रिपोर्ट में बताया गया है कि 2025 में भारत में चरम मौसम की घटनाओं के कारण 4,421 लोगों की जान गई और 17.41 मिलियन हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई। वायु प्रदूषण और जल संकट भी गंभीर समस्याएं बनी हुई हैं।
- 012025 में भारत में चरम मौसम के कारण 4,421 मौतें हुईं और 17.41 मिलियन हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई।
- 02भारत में वायु प्रदूषण से होने वाली मौतों का आंकड़ा 25.34 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
- 03भारत के प्रमुख नदी डेल्टा अत्यधिक भूजल निकालने के कारण धंस रहे हैं।
- 04लगभग 13 प्रतिशत भारतीय किसी न किसी बीमारी से पीड़ित हैं, जिसमें युवाओं में दिल की बीमारियों का बढ़ता खतरा शामिल है।
- 052020-21 से 2024-25 के बीच, लगभग 97,000 हेक्टेयर जंगल काटने की मंजूरी दी गई।
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सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) और 'डाउन टू अर्थ' पत्रिका द्वारा जारी की गई रिपोर्ट 'स्टेट ऑफ इंडियाज एनवायरनमेंट 2026' में भारत में पर्यावरण संकट की गंभीरता को उजागर किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में चरम मौसम की घटनाओं के कारण सभी राज्यों में 4,421 लोगों की जान गई और 17.41 मिलियन हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई। वायु प्रदूषण से होने वाली मौतों का आंकड़ा 25.34 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो वैश्विक औसत से कहीं अधिक है। जल संकट भी गंभीर स्थिति में है, जहां प्रमुख नदी डेल्टा अत्यधिक भूजल निकालने के कारण धंस रहे हैं। इसके अलावा, 13 प्रतिशत भारतीय किसी न किसी बीमारी से पीड़ित हैं, और युवाओं में दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। रिपोर्ट में पर्यावरण से जुड़े अपराधों की बढ़ती संख्या और जंगलों की कटाई की भी जानकारी दी गई है। CSE की महानिदेशक सुनीता नारायण ने डेटा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
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पर्यावरण संकट के कारण स्वास्थ्य, कृषि और जल संसाधनों पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
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