उत्तर प्रदेश में नकली दवा कारोबार का हाईटेक तरीका: एआई से तैयार क्यूआर कोड
UP: नकली दवा कारोबार में हाईटेक तरीका, AI से तैयार किए क्यूआर कोड; ब्रांडेड कंपनियों की बना दीं दवाएं
Amar Ujala
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उत्तर प्रदेश में औषधि निरीक्षकों की टीम ने नकली दवाओं के कारोबार का खुलासा किया है, जिसमें एआई तकनीक का उपयोग कर ब्रांडेड दवाओं की नकल की जा रही थी। लगभग ₹2 करोड़ की नकली, सैंपल और एक्सपायर्ड दवाएं बरामद की गई हैं।
- 01औषधि निरीक्षकों ने 18 फर्मों और दो गोदामों से ₹2 करोड़ की नकली दवाएं बरामद की हैं।
- 02नकली दवाओं का निर्माण एआई तकनीक का उपयोग कर किया जा रहा है, जिससे असली दवाओं की नकल की जाती है।
- 03पिछले साल अगस्त में 71 करोड़ रुपये की नकली दवाएं जब्त की गई थीं, जो पुडुचेरी में बनाई गई थीं।
- 0418 मेडिकल स्टोरों को नोटिस जारी किए गए हैं, जहां से सरकारी और एक्सपायर्ड दवाएं जब्त हुई थीं।
- 05जांच के लिए 85 दवाओं के नमूने लिए गए हैं और 30 कंपनियों को नोटिस जारी कर उनकी दवाओं की उत्पत्ति के बारे में पूछा गया है।
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उत्तर प्रदेश की औषधि निरीक्षकों की टीम ने हाल ही में नकली दवा कारोबार का खुलासा किया है, जिसमें एआई तकनीक का उपयोग कर ब्रांडेड दवाओं की नकल की जा रही थी। इस अभियान के दौरान 18 फर्मों और दो गोदामों से लगभग ₹2 करोड़ की नकली, सैंपल, एक्सपायर्ड और सरकारी अस्पतालों की दवाएं बरामद की गई हैं। आरोपियों ने बताया कि वे नामी कंपनियों की दवाओं के पैकेट खरीदते हैं और एआई की मदद से उनके समान पैकेट तैयार करते हैं। पिछले साल अगस्त में भी 71 करोड़ रुपये की नकली दवाएं जब्त की गई थीं, जो पुडुचेरी में बनाई गई थीं। इस बार 18 मेडिकल स्टोरों को नोटिस जारी किए गए हैं, जहां से सरकारी और एक्सपायर्ड दवाएं मिली थीं। जांच के लिए 85 दवाओं के नमूने लिए गए हैं और 30 कंपनियों को नोटिस जारी कर उनकी दवाओं की उत्पत्ति के बारे में जानकारी मांगी गई है।
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इस कार्रवाई से नकली दवा कारोबार पर अंकुश लगेगा और लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
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