AAP के सात सांसदों का बीजेपी में विलय: राघव चड्ढा की रणनीति
राघव चड्ढा का तो अंदाजा था लेकिन उन्होंने 6 और सांसदों को AAP से कैसे तोड़ा, 2 हफ्ते की इनसाइड स्टोरी
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आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों ने बीजेपी में विलय कर लिया है, जिसमें छह सांसद पंजाब और एक दिल्ली से हैं। यह कदम राघव चड्ढा की अगुवाई में तब उठाया गया जब उन्हें पार्टी से हटा दिया गया था, जो AAP के लिए एक बड़ा झटका है।
- 01राघव चड्ढा की अगुवाई में AAP के सात सांसदों ने बीजेपी में विलय किया।
- 02इन सांसदों में छह पंजाब और एक दिल्ली से हैं।
- 03यह कदम AAP के लिए एक बड़ा झटका है, खासकर अगले साल के पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनजर।
- 04राघव चड्ढा को पार्टी से हटाने के बाद उन्होंने अन्य सांसदों से संपर्क किया।
- 05बीजेपी इन सांसदों का उपयोग पंजाब की सरकार को घेरने के लिए करेगी।
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आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों ने बीजेपी में विलय कर लिया है, जिसमें छह सांसद पंजाब और एक दिल्ली से हैं। यह कदम राघव चड्ढा की अगुवाई में तब उठाया गया जब उन्हें पार्टी से हटा दिया गया। राघव चड्ढा, जो पहले से ही पार्टी से दूरी बना चुके थे, ने अन्य बागी सांसदों से संपर्क करना शुरू किया। इस प्रक्रिया में संदीप पाठक और स्वाति मालीवाल जैसे सांसद शामिल हुए, जो पार्टी में असंतुष्ट थे। इस विलय से AAP को आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में बड़ा झटका लगा है। बीजेपी इस नए गठबंधन का उपयोग पंजाब की भगवंत मान सरकार पर दबाव डालने और अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधने के लिए करेगी। इसके अलावा, कयास लगाए जा रहे हैं कि इस समूह में से एक वरिष्ठ नेता को मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।
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इस विलय से AAP की राजनीतिक ताकत कमजोर होगी और पंजाब में बीजेपी को अधिक मजबूती मिलेगी।
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