गंगा में बाढ़ से प्रभावित किसानों की फसलें, खरबूज और तरबूज बर्बाद
Aligarh News: गंगा में छोड़े पानी में डूबी खरबूज, तरबूज और पेठे की फसल

Image: Amar Ujala
गंगा नदी में छोड़े गए अतिरिक्त पानी से अलigarh के सांकरा क्षेत्र के किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। तीन हजार बीघा में खरबूज, तरबूज और पेठा की फसलें प्रभावित हुई हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
- 01गंगा नदी में छोड़े गए अतिरिक्त पानी से टोडरपुर, रुस्तम नगर, और अन्य गांवों के खेतों में पानी भर गया।
- 02किसानों ने तीन हजार बीघा में खरबूज, तरबूज और पेठा की फसलें उगाई थीं।
- 03एक बीघा में फसल उत्पादन 50 से 100 क्विंटल तक होता है, जबकि लागत 10 से 15 हजार रुपये प्रति बीघा है।
- 04किसान दुर्गेश कुमार ने 20 बीघा की तरबूज और खरबूज की फसल में लगभग एक लाख रुपये की लागत बताई।
- 05किसान कालीचरण ने बताया कि तरबूज की फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा, जिससे किसान निराश हैं।
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गंगा नदी में छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण अलigarh के सांकरा क्षेत्र के कई गांवों में किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। प्रभावित गांवों में टोडरपुर, रुस्तम नगर, बबरोतिया, आलिया नगला, हारनपुर, किस्तौली, गंगावास, सीकरी और कंचनपुर शामिल हैं। यहां करीब तीन हजार बीघा में खरबूज, तरबूज और पेठा की फसलें उगाई गई थीं। किसानों का कहना है कि एक बीघा खेत में 50 से 100 क्विंटल तक उत्पादन होता है, जबकि प्रति बीघा लागत 10 से 15 हजार रुपये आती है। किसान शाहिद खान ने बताया कि उसकी 35 बीघा में पेठा की फसल है, जिसमें प्रति बीघा 12 से 15 हजार रुपये लागत आई है। वहीं, दुर्गेश कुमार ने बताया कि उसकी 20 बीघा की फसल में बारिश और गंगा का पानी भरने से फसल पूरी तरह खराब हो गई है। कालीचरण ने भी बताया कि तरबूज की फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा, जिससे किसानों में मायूसी है।
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किसानों की फसलें बर्बाद होने से उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।
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