IIT में आत्महत्याओं की बढ़ती संख्या पर CIC ने चिंता जताई, उच्च-स्तरीय समिति का गठन होगा
IIT में बढ़ती आत्महत्याओं पर CIC ने जताई चिंता, हाई लेवल कमेटी गठन की सिफारिश

Image: Jagran
केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने IIT परिसरों में आत्महत्याओं की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है। आयोग ने इन आत्महत्याओं के कारणों की जांच के लिए उच्च-स्तरीय समितियों के गठन की सिफारिश की है। IIT कानपुर और IIT खड़गपुर में आत्महत्याओं की संख्या अधिक है, जबकि छात्रों की आत्महत्याओं में लगातार वृद्धि हो रही है।
- 01CIC ने आत्महत्याओं के मामलों को संकट मानते हुए उच्च-स्तरीय समितियों के गठन की सिफारिश की है।
- 02IIT मद्रास, IIT जोधपुर, IIT गोवा और IIT कानपुर में आत्महत्याओं की घटनाएं बढ़ी हैं।
- 032024 में छात्रों की आत्महत्याओं की संख्या 14,488 तक पहुंच गई है।
- 04हर दिन लगभग 40 छात्र आत्महत्या करते हैं, यानी हर 36 मिनट में एक छात्र की मौत होती है।
- 05IIT ने व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से इनकार किया, citing आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(जे) का हवाला दिया।
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केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने IIT परिसरों में आत्महत्याओं की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। आयोग ने आत्महत्याओं के कारणों की जांच और समाधान के लिए उच्च-स्तरीय समितियों के गठन की सिफारिश की है। IIT कानपुर और IIT खड़गपुर में आत्महत्याओं के अधिक मामले सामने आए हैं। हाल ही में प्रकाशित राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट में बताया गया कि 2024 में छात्रों की आत्महत्याओं की संख्या 14,488 तक पहुंच गई है, जो 2023 में 13,892 थी। CIC ने IIT से कहा है कि वे अपनी आधिकारिक वेबसाइटों पर इन समितियों के गठन और कार्यप्रणाली की जानकारी साझा करें। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि मृतक छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं की जा सकती, लेकिन संस्थानों को मानसिक स्वास्थ्य पहलों के लिए पारदर्शिता बढ़ाने की आवश्यकता है।
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IIT परिसरों में आत्महत्याओं की बढ़ती संख्या से छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
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