पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की हार: 2024 से 2026 में क्या हुआ?
Mamata Lost Bengal: 2024 से 2026 तक ठीक दो साल में ऐसा क्या बदल गया कि बंगाल में दीदी से मोहभंग हो गया?
Ndtv
Image: Ndtv
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (तृणमूल कांग्रेस) की पार्टी को 2026 विधानसभा चुनाव में भारी हार का सामना करना पड़ा है। भारतीय जनता पार्टी ने 192 सीटों पर बढ़त बनाई है, जबकि टीएमसी केवल 96 सीटों पर आगे है। पिछले दो वर्षों में भ्रष्टाचार और घोटालों के आरोपों ने टीएमसी की छवि को नुकसान पहुँचाया है।
- 012026 विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 192 सीटों पर बढ़त बनाई।
- 02टीएमसी को 118 सीटों पर नुकसान हुआ है।
- 03भ्रष्टाचार और घोटाले टीएमसी की हार के प्रमुख कारण रहे।
- 04महिला सुरक्षा और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर बीजेपी ने प्रभावी प्रचार किया।
- 05एंटी-इनकंबेंसी फैक्टर ने भी ममता की हार में भूमिका निभाई।
Advertisement
In-Article Ad
पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव के परिणामों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (तृणमूल कांग्रेस) की सत्ता से विदाई को सुनिश्चित कर दिया है। बीजेपी ने 192 सीटों पर बढ़त बनाई, जबकि टीएमसी केवल 96 सीटों पर ही आगे रही। पिछले दो वर्षों में टीएमसी के नेताओं पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों और आरजी कर अस्पताल कांड ने ममता की ईमानदार छवि को नुकसान पहुँचाया। 2024 में लोकसभा चुनाव में टीएमसी ने बीजेपी को 12 सीटों पर हराया था, लेकिन अब स्थिति उलट गई है। बीजेपी ने महिला सुरक्षा और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को भुनाते हुए चुनावी प्रचार किया, जिससे टीएमसी के वोटरों में असंतोष पैदा हुआ। एंटी-इनकंबेंसी फैक्टर भी ममता की हार में एक महत्वपूर्ण कारण रहा।
Advertisement
In-Article Ad
ममता बनर्जी की हार से पश्चिम बंगाल में राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आएगा, जिससे राज्य के विकास और नीति निर्माण पर प्रभाव पड़ेगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि ममता बनर्जी को फिर से मौका मिलना चाहिए?
Connecting to poll...
More about तृणमूल कांग्रेस
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।





